बच्चों पर सोशल मीडिया का असर: नए अध्ययन में चौंकाने वाला खुलासा

एक नए अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में पाया गया है कि जो बच्चे रोज़ 30 मिनट से ज्यादा समय Instagram, Snapchat, Facebook और TikTok जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बिताते हैं, उनमें धीरे-धीरे ध्यान केंद्रित करने की क्षमता घटने लगती है।
यह अध्ययन स्वीडन के Karolinska Institutet और अमेरिका के Oregon Health & Science University के शोधकर्ताओं ने किया। शोध 9 से 14 वर्ष की आयु वाले 8,324 बच्चों पर चार साल तक किया गया।सोशल मीडिया बढ़ाता है “Inattention” के लक्षणअध्ययन में स्पष्ट हुआ किसोशल मीडिया का अधिक उपयोग बच्चों में ध्यान न लगने (Inattention) के लक्षण बढ़ाता है।
हालांकि, इसमें अति सक्रियता (Hyperactivity) या impulsive behaviour में कोई वृद्धि नहीं देखी गई।
टीवी देखने या वीडियो गेम खेलने से ऐसा असर नहीं मिला।अध्ययन में पाया गया कि 9 साल की उम्र में बच्चे औसतन 30 मिनट प्रतिदिन सोशल मीडिया इस्तेमाल करते थे, जो 13 साल की उम्र तक बढ़कर 2.5 घंटे हो गया—जबकि कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर न्यूनतम आयु सीमा 13 वर्ष तय है।
नोटिफिकेशन और मैसेज बच्चों के दिमाग को भटकाते हैं Karolinska Institutet के प्रोफेसर टॉर्केल क्लिंगबर्ग ने बताया कि सोशल मीडिया पर लगातार मिलने वाले
मैसेज,नोटिफिकेशन,और उनके बारे में बार-बार सोचबच्चों के दिमाग को लगातार distract करते हैं।इससे उनकी focus और concentration धीरे-धीरे कमजोर हो जाती है।
पृष्ठभूमि से फर्क नहीं पड़ता
अध्ययन में पाया गया कि—बच्चों की सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि,या ADHD की आनुवंशिक प्रवृत्ति—इनमें से किसी का भी सोशल मीडिया के प्रभाव पर कोई अंतर नहीं पड़ा।
आबादी के स्तर पर प्रभाव बड़ाशोधकर्ताओं ने कहा कि यह असर व्यक्तिगत स्तर पर भले ही छोटा लगे, लेकिन पूरी आबादी में इसका सामूहिक प्रभाव काफी बड़ा हो सकता है।
उन्होंने सलाह दी कि माता-पिता अपने बच्चों के स्क्रीन टाइम और सोशल मीडिया उपयोग पर ध्यान दें, ताकि उनके मानसिक विकास और ध्यान क्षमता पर नकारात्मक असर न पड़े।
