गणतंत्र दिवस पर भी नहीं थमी सियासत, पप्पू यादव का बिहार पुलिस और व्यवस्था पर तीखा हमला
देश आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह के साथ मना रहा है, लेकिन इस बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज नजर आई। पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर निशाना साधा और इसके बाद पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने बिहार पुलिस, स्वास्थ्य व्यवस्था और सिस्टम को लेकर कड़ा हमला बोला।
पप्पू यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार और बिहार पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए नीट छात्रा के साथ हुई दरिंदगी और उसके बाद की जांच को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जब न्याय के लिए पीड़ित परिवार को ही प्रताड़ित किया जाए, तब गणतंत्र दिवस की बधाई भी खोखली लगती है। उन्होंने व्यवस्था को बेशर्म और बेगैरत करार देते हुए कहा कि ऐसे हालात में लोकतंत्र और न्याय की बात करना महज औपचारिकता बनकर रह जाती है।
सांसद पप्पू यादव ने बिहार पुलिस की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने नीट छात्रा के परिजनों का डीएनए टेस्ट कराए जाने के फैसले को पूरी तरह असंवेदनशील बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने छात्रा के पिता, भाई और मामा तक का डीएनए टेस्ट कराया, जो यह दर्शाता है कि जांच किस दिशा में और किस मानसिकता के साथ की जा रही है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि अगर परिवार का कोई सदस्य दोषी होता तो क्या वह गुलबी घाट से बेटी की लाश वापस लाने के लिए संघर्ष करता और विरोध करता।
पप्पू यादव ने यह भी कहा कि पुलिस और सिस्टम की इस तरह की कार्यप्रणाली से पीड़ित परिवारों का भरोसा टूटता है और न्याय की उम्मीद कमजोर पड़ती है। उनका कहना था कि गणतंत्र दिवस जैसे पावन अवसर पर भी अगर आम नागरिक खुद को असुरक्षित और अपमानित महसूस करे, तो यह पूरे तंत्र के लिए गंभीर आत्ममंथन का विषय है।
