पैरा नेशनल तीरंदाजी चैंपियनशिप 2026 की शुरुआत, हरविंदर सिंह और शीतल देवी मैदान में
पेरिस पैरालंपिक 2024 के स्वर्ण पदक विजेता हरविंदर सिंह और कांस्य पदक विजेता शीतल देवी पैरा नेशनल तीरंदाजी चैंपियनशिप 2026 में भाग लेने वाले प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता की शुरुआत आज पटियाला स्थित नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान में हुई। देशभर के शीर्ष पैरा तीरंदाजों की मौजूदगी ने इस आयोजन को खास बना दिया है।
पंजाब तीरंदाजी संघ द्वारा आयोजित यह चैंपियनशिप 30 जनवरी से 2 फरवरी तक चलेगी। इसमें देश के 20 से अधिक राज्यों से आए 190 से ज्यादा पैरा तीरंदाज हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता में अनुभव और युवा प्रतिभा का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है, जो भारतीय पैरा तीरंदाजी के बढ़ते स्तर को दर्शाता है।
इस चैंपियनशिप में पद्मश्री सम्मानित हरविंदर सिंह, अर्जुन पुरस्कार विजेता राकेश कुमार और अर्जुन पुरस्कार प्राप्तकर्ता व पैरालंपिक कांस्य पदक विजेता शीतल देवी जैसे नामी खिलाड़ी शामिल हैं। इनके साथ कई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर चुके खिलाड़ी भी मैदान में उतर रहे हैं, जिससे मुकाबले और भी रोमांचक हो गए हैं।
आयोजन के दौरान एक विशेष क्लासिफिकेशन ड्राइव भी चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य उभरते हुए पैरा तीरंदाजों की पहचान करना और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर देना है। इसके साथ ही, पहली बार नेशनल चैंपियनशिप स्तर पर ब्लाइंड आर्चरी को शामिल किया गया है, जिसे इस खेल के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राष्ट्रीय पैरा तीरंदाजी कोच अभिलाषा चौधरी ने कहा कि यह चैंपियनशिप प्रतिभा की पहचान और विकास के लिए एक अहम मंच है। उन्होंने कहा कि अनुभवी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और युवा तीरंदाजों की एक साथ मौजूदगी से आने वाली पीढ़ी को सीखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
अपने अनुभव साझा करते हुए हरविंदर सिंह ने कहा कि जब उन्होंने 2016 में पहली बार पैरा नेशनल चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था, तब खिलाड़ियों की संख्या काफी कम थी, लेकिन अब इसमें उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पैरा खेलों को अगर और ज्यादा मीडिया कवरेज मिले तो इससे युवा पैरा एथलीट्स को तीरंदाजी को करियर के रूप में अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।
वहीं पटियाला स्थित पंजाबी विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण ले रहीं शीतल देवी ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ियों की भागीदारी और एनआईएस पटियाला की बेहतर सुविधाओं ने इस चैंपियनशिप को उनके लिए एक खास अनुभव बना दिया है।
