संसद में आज ‘वंदे मातरम’ पर विशेष चर्चा, पीएम मोदी करेंगे लोकसभा में बहस की शुरुआत

संसद का शीतकालीन सत्र जारी है और आज (08 दिसंबर) राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ पर एक विशेष चर्चा का आयोजन किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक विषय पर लोकसभा और राज्यसभा—दोनों सदनों में विस्तृत बहस होगी। लोकसभा में चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे, जबकि राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बहस का नेतृत्व करेंगे। इस बहस के लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
150 वर्ष पूर्व लिखे गए वंदे मातरम के ऐतिहासिक महत्व पर निचले सदन में व्यापक चर्चा होगी। प्रधानमंत्री मोदी इस गीत की पृष्ठभूमि और राष्ट्र-निर्माण में इसकी भूमिका पर अपने विचार रखेंगे। वहीं, राज्यसभा में मंगलवार को होने वाली बहस की अगुवाई गृह मंत्री अमित शाह करेंगे।
पीएम मोदी ने उठाया वंदे मातरम के ‘विभाजन’ का मुद्दा
हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने आरोप लगाया था कि 1937 में वंदे मातरम के टुकड़े किए गए, जिससे विभाजनकारी सोच को बढ़ावा मिला। उनका कहना है कि राष्ट्र-निर्माण के इस महत्वपूर्ण गीत के साथ अन्याय किया गया और आज की पीढ़ी को उसके पीछे की सच्चाई जानना आवश्यक है। पीएम मोदी ने कहा कि विभाजनकारी विचारधारा आज भी देश के सामने बड़ी चुनौती है।
मुस्लिम समुदाय की आपत्तियों पर इमाम एसोसिएशन का बयान
संसद में बहस से पहले ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि मुस्लिम समाज को राष्ट्रगीत से किसी प्रकार की नफरत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समुदाय की आपत्ति केवल धार्मिक मान्यताओं—विशेष रूप से एकेश्वरवाद—और गीत के आगे के हिस्सों में मूर्ति पूजा के भाव को लेकर है।
रशीदी ने साफ कहा कि वंदे मातरम की शुरुआती दो पंक्तियाँ गाने में किसी भी मुसलमान को आपत्ति नहीं होनी चाहिए, क्योंकि ये पंक्तियाँ केवल वतन की खूबसूरती और समृद्धि की प्रशंसा करती हैं।
