पायल नाग का बड़ा उलटफेर, विश्व नंबर-1 शीतल देवी को हराकर जीता स्वर्ण, भारत ने जीते 16 पदक

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बैंकॉक में आयोजित विश्व पैरा तीरंदाजी श्रृंखला में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया। इस प्रतियोगिता में सबसे बड़ी चर्चा 18 वर्षीय युवा तीरंदाज Payal Nag की रही, जिन्होंने महिला कंपाउंड स्पर्धा के फाइनल में विश्व नंबर एक Sheetal Devi को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि पायल ने बेहद दबाव वाले मुकाबले में अनुभव से भरपूर खिलाड़ी को मात दी।

इस टूर्नामेंट में भारत ने कुल 16 पदक जीतकर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई, जिसमें सात स्वर्ण, पांच रजत और चार कांस्य पदक शामिल रहे। भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन हर वर्ग में संतुलित और प्रभावशाली रहा, जिससे यह साफ हो गया कि देश की पैरा तीरंदाजी टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार मजबूत होती जा रही है।

पुरुष कंपाउंड स्पर्धा में Toman Kumar ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के Jonathan Milne को हराकर शीर्ष स्थान हासिल किया। वहीं महिला रिकर्व स्पर्धा में Bhavna ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। उन्होंने फाइनल में थाईलैंड की Pathraphon Pattaveo को मात दी और स्वर्ण पदक जीतकर भारत की झोली में एक और उपलब्धि जोड़ दी।

हालांकि कुछ मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों को कड़ी चुनौती का सामना भी करना पड़ा। दो बार के पैरालंपिक पदक विजेता Harvinder Singh को पुरुष रिकर्व फाइनल में इंडोनेशिया के Kholidin से हार का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इसी तरह महिला वर्ग में Swati Chaudhary भी स्वर्ण पदक मुकाबले में दक्षिण कोरिया की Ok Geum Kim से हार गईं और उन्हें रजत पदक मिला।

इसके अलावा, कंपाउंड पुरुष व्यक्तिगत स्पर्धा में Shyam Sundar Swami ने कांस्य पदक हासिल किया। उन्होंने अपने ही देश के अनुभवी खिलाड़ी और पैरालंपिक पदक विजेता Rakesh Kumar को कड़े मुकाबले में हराया। यह मुकाबला काफी रोमांचक रहा, जिसमें दोनों खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, लेकिन अंत में श्याम सुंदर ने बाजी मार ली।

इस पूरे टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों की निरंतरता, आत्मविश्वास और तकनीकी दक्षता देखने को मिली। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के इस संतुलन ने टीम को बड़ी सफलता दिलाई। पायल नाग जैसी नई प्रतिभाओं का उभरना भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है और यह दर्शाता है कि भारत पैरा खेलों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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