मालदा से मोदी का तृणमूल पर तीखा हमला, कहा—बंगाल को हिंसा और अवैध घुसपैठ से मुक्त करना जरूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि राज्य को मौजूदा हालात से बाहर निकालने के लिए टीएमसी को तुरंत सत्ता से हटाना जरूरी है। श्री मोदी ने मालदा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और कई नई रेलगाड़ियों को हरी झंडी दिखाने के बाद जनसभा को संबोधित किया।
प्रधानमंत्री ने अवैध घुसपैठ को पश्चिम बंगाल की सबसे गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि स्थिति अब बेहद नाजुक हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे राज्य की जनसांख्यिकी और स्थानीय भाषाओं पर असर पड़ रहा है। श्री मोदी ने कहा कि दुनिया के कई समृद्ध देश अवैध प्रवासियों को वापस भेजने के लिए सख्त कदम उठा रहे हैं, लेकिन तृणमूल सरकार राजनीतिक स्वार्थ के कारण इस मुद्दे पर कार्रवाई करने में विफल रही है। उन्होंने इसे राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की कमी से भी जोड़ा।
प्रधानमंत्री ने राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए बेलडांगा में एक महिला पत्रकार के साथ हुई छेड़छाड़ सहित हाल की हिंसा की घटनाओं का उल्लेख किया। हालांकि, उन्होंने मतुआ समुदाय और पड़ोसी देशों में धार्मिक उत्पीड़न के कारण शरण लेने वाले लोगों को आश्वासन दिया कि भाजपा के शासन में उन्हें डरने की कोई आवश्यकता नहीं है।
श्री मोदी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आयुष्मान भारत, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और जल जीवन मिशन जैसी केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि बाढ़ राहत के लिए जारी धन का दुरुपयोग किया गया। भाजपा की नीतियों की तुलना करते हुए प्रधानमंत्री ने वर्ष 2014 के बाद न्यूनतम समर्थन मूल्य और जूट किसानों के लिए केंद्रीय सहायता में हुई बढ़ोतरी का जिक्र किया और मालदा के आम तथा रेशम उद्योग के विकास का भरोसा दिलाया।
प्रधानमंत्री मोदी ने ओडिशा, बिहार, त्रिपुरा और असम जैसे भाजपा शासित राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि देश की जनता सुशासन के लिए भाजपा को चुन रही है। उन्होंने मुंबई और तिरुवनंतपुरम में हाल की चुनावी सफलताओं का उल्लेख करते हुए बंगाल की जनता से वंदे मातरम के 150वें वर्ष में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के आदर्शों को अपनाने और हिंसा की राजनीति को समाप्त करने के लिए भाजपा को समर्थन देने की अपील की।
