सोमनाथ अमृत महोत्सव में प्रधानमंत्री मोदी का संदेश, भारत की संस्कृति और शक्ति का दुनिया ने देखा नया स्वरूप

गुजरात में आयोजित सोमनाथ अमृत महोत्सव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सांस्कृतिक विरासत, आस्था और राष्ट्रीय शक्ति को लेकर एक भावनात्मक और प्रेरणादायक संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि भारत की शाश्वत आत्मा, अटूट विश्वास और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव सिर्फ इतिहास को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि आने वाले हजार वर्षों तक देश को प्रेरणा देने वाला एक महत्वपूर्ण क्षण है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोई भी राष्ट्र तभी मजबूत बनता है जब वह अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़ा रहता है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर सदियों से भारत की पहचान और आत्मविश्वास का प्रतीक रहा है। कई बार आक्रमणों और विरोध का सामना करने के बावजूद यह मंदिर फिर से खड़ा हुआ और यही भारत की संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई भी शक्ति भारत को झुका नहीं सकती क्योंकि देश की आत्मा उसकी संस्कृति और सभ्यता में बसती है।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर भारत के परमाणु शक्ति बनने के ऐतिहासिक क्षण को भी याद किया। उन्होंने कहा कि 11 मई 1998 को पोखरण में हुए परमाणु परीक्षणों ने पूरी दुनिया को भारत की ताकत और वैज्ञानिक क्षमता का एहसास कराया था। उन्होंने बताया कि उस समय भारतीय वैज्ञानिकों ने बेहद कठिन परिस्थितियों में काम करते हुए देश की सुरक्षा और सम्मान को नई ऊंचाई दी थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन परीक्षणों ने यह भी साबित किया कि भारत की राजनीतिक इच्छाशक्ति कितनी मजबूत है और देश अपने हितों की रक्षा के लिए हर चुनौती का सामना करने में सक्षम है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत तेजी से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और इस विकास यात्रा में देश की सांस्कृतिक विरासत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि भारत के मंदिर, तीर्थ और सांस्कृतिक स्थल केवल आस्था के केंद्र नहीं हैं बल्कि ये देश की पहचान और गौरव के प्रतीक भी हैं। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करते हुए कहा कि सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण भारत के स्वाभिमान और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक था। सरदार पटेल ने यह संदेश दिया था कि भारत अपनी परंपराओं और विरासत का सम्मान करना जानता है।
प्रधानमंत्री ने इस दौरान अहिल्याबाई होल्कर और हमीर जी गोहिल का भी उल्लेख किया और कहा कि इन महान व्यक्तित्वों ने सोमनाथ की सेवा और संरक्षण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति हमेशा चुनौतियों के बीच और अधिक मजबूत होकर उभरी है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ अमृत पर्व के उपलक्ष्य में एक विशेष डाक टिकट और 75 रुपये का स्मारक सिक्का भी जारी किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग मौजूद रहे। पूरा माहौल भक्ति, गर्व और राष्ट्रभक्ति की भावना से सराबोर दिखाई दिया।
