एंटरप्रेन्योर प्रोजेक्ट में लापरवाही पर सख्त हुआ PSEB, बिजनेस आइडिया न देने वाले स्कूलों के 10वीं-12वीं के रिजल्ट रुक सकते हैं
पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड ने एंटरप्रेन्योर प्रोजेक्ट को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए राज्य के एफिलिएटेड और एसोसिएटेड स्कूलों को कड़ी चेतावनी जारी की है। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि जिन स्कूलों के विद्यार्थियों द्वारा एंटरप्रेन्योर प्रोजेक्ट के तहत बिजनेस आइडिया जमा नहीं किए गए हैं, उनके 10वीं और 12वीं कक्षा के बोर्ड परीक्षा परिणाम रोके जा सकते हैं। यह चेतावनी ऐसे समय में सामने आई है जब बड़ी संख्या में स्कूलों ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को गंभीरता से नहीं लिया।
पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के अनुसार, कई प्राइवेट और एसोसिएटेड स्कूलों के प्रिंसिपलों ने पंजाब सरकार की इस पहल को नजरअंदाज किया और विभाग को तय समय पर बिजनेस आइडिया भेजने में लापरवाही बरती। इसे देखते हुए बोर्ड के सेक्रेटरी की ओर से संबंधित स्कूल प्रिंसिपलों को औपचारिक नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो इसका सीधा असर छात्रों के शैक्षणिक भविष्य पर पड़ेगा।
एंटरप्रेन्योर प्रोजेक्ट के तहत बोर्ड ने सभी स्कूलों से कहा था कि वे ऐसे बिजनेस आइडिया तैयार कर विभाग को भेजें, जिन्हें छात्रों के साथ साझा किया जा सके। इसका उद्देश्य छात्रों में उद्यमशीलता की सोच विकसित करना और उन्हें भविष्य में स्वरोजगार व नवाचार की दिशा में प्रेरित करना है। बोर्ड का मानना है कि आज के दौर में केवल किताबी शिक्षा पर्याप्त नहीं है और छात्रों को व्यावहारिक सोच तथा बिजनेस माइंडसेट से भी जोड़ना जरूरी है।
बोर्ड ने स्कूल प्रिंसिपलों को अंतिम मौका देते हुए निर्देश दिया है कि वे 9 फरवरी 2026 तक अपने छात्रों से तैयार कराए गए बिजनेस आइडिया अनिवार्य रूप से जमा कराएं। इसके लिए तकनीकी सुविधा के रूप में एक व्हाट्सऐप नंबर भी जारी किया गया है, जिस पर स्कूलों को पंजीकरण कराना होगा। हर स्कूल के लिए कम से कम एक बिजनेस आइडिया सबमिट करना अनिवार्य किया गया है और सारी जानकारी प्रिंसिपल को ऑनलाइन माध्यम से देनी होगी।
पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह फैसला छात्रों के हित में लिया गया है, ताकि वे पढ़ाई के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी सोच सकें। हालांकि, बोर्ड ने यह भी चेताया है कि स्कूलों की लापरवाही का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ सकता है, इसलिए इस मामले को ‘अत्यंत जरूरी’ श्रेणी में रखा गया है।
बोर्ड के संकेतों के मुताबिक, नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई केवल रिजल्ट रोकने तक सीमित नहीं रहेगी। जरूरत पड़ने पर ऐसे स्कूलों पर सख्त प्रशासनिक कदम भी उठाए जा सकते हैं। शिक्षा विभाग और बोर्ड का साफ संदेश है कि एंटरप्रेन्योर प्रोजेक्ट को औपचारिकता नहीं बल्कि एक गंभीर शैक्षणिक पहल के रूप में लिया जाए, ताकि पंजाब के छात्र भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।
