पंजाब में 78 करोड़ की साइबर ठगी का पर्दाफाश, दिल्ली की महिला सरगना समेत नौ गिरफ्तार
पंजाब में एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आए खुलासे बेहद चौंकाने वाले हैं। बताया जा रहा है कि यह गिरोह अब तक देशभर के 200 से अधिक लोगों को अपना शिकार बना चुका है और करीब 78 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर चुका है। इस पूरे नेटवर्क की कथित सरगना दिल्ली की रहने वाली एक महिला बताई जा रही है, जिसका नाम जांच के दौरान सामने आया।
मामले की शुरुआत तब हुई जब खन्ना पुलिस को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से 53 म्यूल खातों से जुड़ी शिकायतें प्राप्त हुईं। 2 सितंबर 2025 को मिली इन शिकायतों में बताया गया था कि पुलिस जिला खन्ना क्षेत्र में खोले गए बैंक खातों के जरिये 43 लाख 54 हजार 771 रुपये की धोखाधड़ी की गई है। जब पुलिस ने सात संदिग्ध खातों की गहन जांच की, तो एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ और नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में यह सामने आया कि इस गिरोह ने कुल 31 बैंक खातों का इस्तेमाल किया। इन खातों के खिलाफ देशभर में 200 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब तक 78 करोड़ 5 लाख रुपये से अधिक की ठगी की पुष्टि हो चुकी है और जांच आगे बढ़ने के साथ यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। रोजाना नए पीड़ित सामने आ रहे हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नेटवर्क कितना व्यापक था।
जांच के दौरान सबसे पहले लुधियाना निवासी सोनू कुमार को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद सुरिंदरपाल सिंह डिप्टी, विक्की प्रसाद, राजन और जोधपुर निवासी सिक्योरिटी गार्ड गोपाल को हिरासत में लिया गया। गोपाल से पूछताछ के बाद दिल्ली की कथित सरगना आलिया अहमद का नाम सामने आया। इसके बाद पश्चिम बंगाल निवासी सुमित कुमार झा, मलन राय उर्फ सोनू और रामधन को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक भारत में बैठे आरोपी मुख्य रूप से बैंक खाते खुलवाने, सिम कार्ड उपलब्ध कराने और ठगी की रकम निकालने का काम करते थे। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि पूरा नेटवर्क विदेश से संचालित हो रहा था और इसकी कड़ियां दुबई से जुड़ी हो सकती हैं। फिलहाल पुलिस अन्य संदिग्ध खातों और लेनदेन की भी जांच कर रही है।
आरोपियों के बैंक खातों में बड़ी रकम का पता चला है। सोनू के खातों में 3.30 करोड़ रुपये, सुरिंदर पाल के खातों में 7.41 लाख रुपये और राजन के खातों में 16.92 करोड़ रुपये पाए गए हैं। कथित सरगना आलिया अहमद के खातों में 41.74 करोड़ रुपये की राशि सामने आई है, जबकि सुमित के खातों में 16 करोड़ रुपये से अधिक की रकम मिली है। इन सभी के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में कई शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता है। आम लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या निवेश प्रस्ताव से सावधान रहें और तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। यह मामला एक बार फिर इस बात की चेतावनी देता है कि डिजिटल लेनदेन के दौर में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
