अरविंद केजरीवाल ने की पंजाब की झांकी की सराहना, गुरु तेग बहादुर साहिब की शहादत को बताया मानवता का संदेश
गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत पंजाब की झांकी ने नौवें सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। यह झांकी सिर्फ इतिहास की झलक नहीं थी, बल्कि मानवता, धार्मिक स्वतंत्रता और न्याय के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान की जीवंत कहानी थी। गुरु तेग बहादुर साहिब जी को ‘हिंद दी चादर’ के रूप में इसलिए पूजा जाता है क्योंकि उन्होंने अत्याचार के सामने झुकने के बजाय सभी धर्मों की आस्था और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए अपने प्राणों का त्याग किया।
झांकी में गुरु तेग बहादुर साहिब जी के मानवीय विवेक, साहस और अटूट नैतिक दृष्टिकोण को प्रतीकों के माध्यम से दर्शाया गया। इसमें प्रदर्शित एक प्रतीकात्मक हाथ करुणा, मानवता और न्याय का संदेश देता नजर आया, जबकि ‘एक ओंकार’ का चिन्ह इस विचार को मजबूत करता है कि ईश्वर एक है और पूरी मानवता एक सूत्र में बंधी हुई है। यह संदेश आज के समय में और भी अधिक प्रासंगिक दिखाई दिया, जब समाज को सहिष्णुता और आपसी सम्मान की सबसे अधिक जरूरत है।
पंजाब की इस झांकी ने दर्शकों को यह याद दिलाया कि भारत की आत्मा बलिदान, करुणा और धार्मिक स्वतंत्रता में बसती है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस झांकी की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रस्तुति गुरु तेग बहादुर साहिब जी के महान आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। कुल मिलाकर, पंजाब की झांकी गणतंत्र दिवस परेड में आस्था, मानवता और न्याय का प्रभावशाली संदेश बनकर उभरी।
