रेलवे के दो बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी, जम्मू-कटरा सुरक्षा और हावड़ा-दिल्ली कॉरिडोर पर खर्च होंगे 1200 करोड़ रुपए

भारत सरकार ने रेलवे नेटवर्क को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए करीब 1,200 करोड़ रुपए की दो महत्वपूर्ण रेल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य जम्मू-कटरा रेल सेक्शन में सुरक्षा बढ़ाना और हावड़ा-दिल्ली रेल कॉरिडोर की क्षमता को मजबूत करना है। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से लाखों यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित यात्रा सुविधा मिलेगी, साथ ही माल ढुलाई व्यवस्था भी अधिक प्रभावी होगी।
पहली परियोजना उत्तरी रेलवे के जम्मू से श्री माता वैष्णो देवी कटरा रेल सेक्शन से जुड़ी है। इस परियोजना के लिए 238 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। इस मार्ग को देश के सबसे चुनौतीपूर्ण रेल सेक्शनों में माना जाता है क्योंकि यहां का भू-भाग कठिन है और मौसम भी अक्सर प्रतिकूल रहता है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, सुरंगों में पानी का रिसाव और पुलों की सुरक्षा जैसी चुनौतियां लंबे समय से रेलवे के लिए चिंता का विषय रही हैं।
सरकार द्वारा मंजूर किए गए कार्यों में ढलानों को स्थिर करने, सुरंगों के पुनर्वास, पानी रिसाव रोकने और पुलों की सुरक्षा मजबूत करने जैसे कई महत्वपूर्ण कदम शामिल हैं। इसके अलावा संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी किए जाएंगे ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना की संभावना को कम किया जा सके। रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने कहा कि सरकार देश के कठिन और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुरक्षित रेल संपर्क सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि विस्तृत तकनीकी मूल्यांकन के बाद इन संरक्षण और पुनर्वास कार्यों को मंजूरी दी गई है ताकि लंबे समय तक इस रेल मार्ग की विश्वसनीयता बनी रहे।
यह रेल मार्ग हर साल लाखों श्रद्धालुओं को Shri Mata Vaishno Devi तक पहुंचाने का प्रमुख माध्यम है। ऐसे में सुरक्षा सुधार के ये कदम यात्रियों के लिए बड़ी राहत माने जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि इन कार्यों के पूरा होने के बाद इस सेक्शन पर रेल संचालन और अधिक सुरक्षित तथा सुचारु हो जाएगा।
दूसरी बड़ी परियोजना बिहार में किउल और झाझा के बीच 54 किलोमीटर लंबी थर्ड लाइन बिछाने से संबंधित है। इस परियोजना पर 962 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह रूट देश के सबसे व्यस्त हावड़ा-दिल्ली रेल कॉरिडोर का हिस्सा है और यहां यात्री तथा मालगाड़ियों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। मौजूदा डबल लाइन सेक्शन अपनी क्षमता से ज्यादा ट्रैफिक संभाल रहा है, जिसके कारण कई बार ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होती है।
नई थर्ड लाइन बनने से इस कॉरिडोर की क्षमता में बड़ा सुधार होगा। इससे ट्रेनों की आवाजाही तेज और सुगम बनेगी तथा भीड़भाड़ कम होगी। यह मार्ग कोलकाता और हल्दिया बंदरगाहों को बिहार के रक्सौल क्षेत्र से जोड़ता है, जो नेपाल सीमा के पास स्थित है। इसके जरिए भारी मात्रा में माल ढुलाई होती है और कई बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान इस कॉरिडोर पर निर्भर हैं। सरकार को उम्मीद है कि यह परियोजना पूर्वी और उत्तरी भारत के बीच आर्थिक गतिविधियों और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को भी मजबूत करेगी
