गणतंत्र दिवस 2026 ‘वंदे मातरम्’ के 150 गौरवशाली वर्षों को समर्पित, कर्तव्य पथ पर दिखेगी देश की संयुक्त शक्ति

भारत का 77वां गणतंत्र दिवस समारोह वर्ष 2026 में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गौरवशाली 150 वर्षों को समर्पित रहेगा। इस अवसर पर कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ की भावना और राष्ट्रभक्ति की स्पष्ट व प्रभावी झलक देखने को मिलेगी। इस वर्ष गणतंत्र दिवस के तहत ‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा
गणतंत्र दिवस परेड में कुल 18 मार्चिंग टुकड़ियां और 13 सैन्य बैंड भाग लेंगे। परेड के तुरंत बाद भारतीय वायुसेना का भव्य फ्लाईपास्ट आकर्षण का केंद्र रहेगा, जिसमें राफेल, सुखोई-30, मिग-29, पी-8आई, सी-130, सी-295, अपाचे, एलसीएच, एएलएच और एमआई-17 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर शामिल होंगे। इसके साथ ही थल, जल और वायु सेनाओं के स्वदेशी हथियार और उपकरण भी परेड में प्रदर्शित किए जाएंगे, जो भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता को दर्शाएंगे।
गणतंत्र दिवस 2026 के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन होंगे। ‘वंदे मातरम्’ थीम को खास तौर पर उभारते हुए 26 जनवरी की परेड में छह राज्यों और केंद्र सरकार के विभागों की झांकियां इसी विषय पर आधारित होंगी। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि परेड की शुरुआत लगभग 100 सांस्कृतिक कलाकारों द्वारा पारंपरिक युद्ध संगीत के साथ की जाएगी। भारतीय सेना का फेज्ड बैटल ऐरे फॉर्मेशन भी दर्शकों के लिए खास आकर्षण होगा।
परेड में सेना का भैरव दल, लद्दाख स्काउट्स, ड्रोन शक्ति, शक्तिबान और पशु दल भी शामिल रहेंगे, जिनमें जांस्कर पोनी, बैक्ट्रियन ऊंट और सैन्य श्वान शामिल हैं। तीनों सेनाओं की संयुक्त शक्ति का प्रदर्शन समारोह को और भव्य बनाएगा। 26 जनवरी की शाम होने वाले बीटिंग रिट्रीट समारोह में सभी बैंड ‘वंदे मातरम्’ की धुन बजाएंगे। कर्तव्य पथ पर बड़ी स्क्रीन पर ‘वंदे मातरम्’ से जुड़े विशेष वीडियो दिखाए जाएंगे और गुब्बारों के जरिए ‘वंदे मातरम्’ बैनर का विमोचन भी किया जाएगा।
इसके अलावा 19 से 26 जनवरी के बीच देश के 126 शहरों में 234 स्थानों पर पैन इंडिया बैंड परफॉर्मेंस आयोजित की जाएगी। गणतंत्र दिवस के आमंत्रण पत्र, टिकट और पुष्प सज्जा भी इसी थीम पर आधारित होंगे। नागरिकों की सुविधा के लिए दिल्ली मेट्रो 26 जनवरी को सुबह 3 बजे से ही शुरू हो जाएगी और निमंत्रण व टिकट धारकों के लिए मेट्रो यात्रा निशुल्क रहेगी। परेड स्थल के सभी एनक्लोजर्स में दिव्यांगजनों के लिए रैम्प की व्यवस्था की जाएगी।
एनसीसी और माई भारत के स्वयंसेवक परेड देखने आने वाले लोगों का मार्गदर्शन करेंगे। दर्शकों के लिए क्लॉक रूम, पेयजल, शौचालय और प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ट्रैफिक, पार्किंग और बैठने से जुड़ी सभी जानकारियां राष्ट्रपर्व पोर्टल और ऐप पर उपलब्ध होंगी, जबकि पार्किंग स्थलों को गूगल मैप और मैप माई इंडिया पर पिन किया गया है। क्यूआर कोड के माध्यम से भी जरूरी जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।
रक्षा सचिव ने बताया कि देशभर से करीब 10 हजार विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित किया गया है, जिनमें स्टार्टअप, नवाचार, रोजगार सृजन, स्वयं सहायता समूहों और सरकारी योजनाओं में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोग शामिल हैं। माईगोव और माई भारत पोर्टल पर आयोजित निबंध, चित्रकला, गायन और क्विज प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी कर्तव्य पथ पर आमंत्रित किया गया है। इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में कुल 30 झांकियां शामिल होंगी, जो 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों और 13 केंद्रीय मंत्रालयों की होंगी।
‘वंदे मातरम्’ पर आधारित सांस्कृतिक महाप्रस्तुति में लगभग 2500 कलाकार भाग लेंगे। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता, वीर गाथा 5.0 के 100 छात्र विजेताओं का सम्मान और 26 से 31 जनवरी तक लाल किले पर आयोजित होने वाला भारत पर्व भी गणतंत्र दिवस समारोह के प्रमुख आकर्षण होंगे।
