भारत–स्पेन संबंधों को नई मजबूती, विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस का भारत दौरा

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के निमंत्रण पर स्पेन के विदेश मामलों के मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस बुधवार को भारत दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार भेंट की और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। इस दौरे के दौरान भारत और स्पेन के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की अहम वार्ता भी हुई, जिसमें व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा सहयोग, संस्कृति, पर्यटन और जन-संपर्क जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान दोनों देशों ने इस बात पर संतोष जताया कि राजनीतिक स्तर पर नियमित संवाद और संस्थागत द्विपक्षीय तंत्र लगातार सक्रिय बने हुए हैं। नेताओं ने भविष्य में भी इस सकारात्मक गति को बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई। भारत और स्पेन इस वर्ष अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ मना रहे हैं, जिसे दोनों देशों ने भारत–स्पेन संस्कृति, पर्यटन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्विवर्षीय वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर दोनों विदेश मंत्रियों ने संयुक्त रूप से इस द्विवर्षीय समारोह के आधिकारिक लोगो का भी अनावरण किया।
वार्ता में प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा औद्योगिक सहयोग, शहरी अवसंरचना और रेलवे जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा यूरोप और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हालिया घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने और साझा हितों से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर मिलकर काम करने की आवश्यकता पर सहमति जताई।
आतंकवाद के मुद्दे पर भारत और स्पेन ने एक स्वर में उसके सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की कड़ी निंदा की और इससे निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया। राष्ट्रपति भवन में मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि आतंकवाद एक वैश्विक चुनौती है और भारत व स्पेन को इससे लड़ने के लिए अपने संसाधनों और क्षमताओं को एकजुट करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध सदियों पुराने हैं, जो व्यापार, संस्कृति और लोकतंत्र व बहुलवाद के साझा मूल्यों पर आधारित हैं।
