हवाई किरायों में अचानक बढ़ोतरी पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, केंद्र और डीजीसीए से मांगा जवाब

सर्वोच्च न्यायालय ने देश में हवाई किरायों में हो रही अप्रत्याशित और अत्यधिक बढ़ोतरी पर गंभीर चिंता जताई है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने इस मुद्दे पर दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि निजी विमानन कंपनियों द्वारा किरायों में की गई बेतहाशा बढ़ोतरी यात्रियों के शोषण के समान है।
न्यायपीठ ने केंद्र सरकार और नागर विमानन महानिदेशालय से इस पूरे मामले पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। याचिका में मांग की गई है कि निजी एयरलाइंस द्वारा किराये और अन्य शुल्कों में मनमानी बढ़ोतरी पर अंकुश लगाने के लिए स्पष्ट और प्रभावी नियामक दिशानिर्देश बनाए जाएं, ताकि आम यात्रियों को राहत मिल सके।
अदालत ने संकेत दिया कि हवाई यात्रा जैसी आवश्यक सेवा में पारदर्शिता और संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। इस मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी को निर्धारित की गई है।
