नहर विवाद सुलझाने को आगे आए भगवंत मान, बोले—बातचीत से निकलेगा समाधान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सतलुज यमुना लिंक नहर विवाद को लेकर एक बार फिर सुलह और बातचीत का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा के बीच दशकों से चले आ रहे इस संवेदनशील मुद्दे को सुलझाने के लिए वह बड़े भाई की भूमिका निभाने को तैयार हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हुई बैठक के बाद मान ने स्पष्ट किया कि पंजाब टकराव नहीं चाहता, बल्कि संवाद के जरिए स्थायी समाधान निकालना चाहता है। उनका कहना है कि दोनों राज्यों के बीच भाईचारे के रिश्ते हैं और इन्हें राजनीतिक विवाद में नहीं बदलना चाहिए।
मुख्यमंत्री मान ने यह भी साफ किया कि पंजाब के पास साझा करने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है और राज्य अपने जल अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब पहले ही पानी की कमी से जूझ रहा है और किसानों की जरूरतें सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। इसके बावजूद सरकार यह चाहती है कि SYL नहर विवाद अदालतों और आरोप-प्रत्यारोप से बाहर निकलकर बातचीत की मेज पर सुलझे।
बैठक में कोई ठोस नतीजा भले ही नहीं निकला, लेकिन दोनों मुख्यमंत्रियों ने बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह पहल केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट के स्तर पर चल रही प्रक्रिया को सकारात्मक दिशा देने की कोशिश है। इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने भी सतर्कता की मांग करते हुए कहा है कि किसी भी समाधान में पंजाब के हितों की पूरी सुरक्षा होनी चाहिए। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि भगवंत मान की यह पहल SYL नहर विवाद को सुलझाने की दिशा में कितना असर दिखाती है।
