चम्पावत दौरे में मुख्यमंत्री ने शारदा कॉरिडोर का शिलान्यास किया, माघ खिचड़ी और खड़ी होली में निभाई सांस्कृतिक सहभागिता
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के चम्पावत दौरे को क्षेत्रीय विकास और सांस्कृतिक चेतना के लिहाज से एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के बहुप्रतीक्षित और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शारदा कॉरिडोर का शिलान्यास किया। यह परियोजना न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने का काम करेगी। शारदा नदी और आसपास के धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाला यह कॉरिडोर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने माघ माह के पावन अवसर पर आयोजित सामूहिक माघ खिचड़ी भोज में भी भाग लिया। इस आयोजन में स्थानीय लोगों की बड़ी संख्या मौजूद रही। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ बैठकर भोजन किया और पारंपरिक आतिथ्य का अनुभव किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री को कुमाऊं की प्राचीन और समृद्ध लोक परंपरा खड़ी होली में मातृशक्ति के साथ सहभागिता करने का अवसर भी मिला। पारंपरिक गीतों और वाद्ययंत्रों के साथ आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिलाओं के साथ होली गीतों का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि खड़ी होली केवल एक पर्व नहीं, बल्कि कुमाऊं की सांस्कृतिक पहचान और लोक परंपराओं का जीवंत उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक मूल्यों का संरक्षण करना है। चम्पावत जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
इस पूरे दौरे के दौरान मुख्यमंत्री को क्षेत्रीय जनता का अपार स्नेह, समर्थन और आशीर्वाद मिला। उन्होंने इसके लिए जनता का हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा कि लोगों का यह विश्वास सरकार को और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि चम्पावत और आसपास के क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार निरंतर प्रयास करती रहेगी। शारदा कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं, सांस्कृतिक आयोजनों में सहभागिता और जनसंवाद के माध्यम से राज्य को विकास और परंपरा के संतुलित मार्ग पर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया गया।
