उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत से समझौता नहीं, परंपराओं की रक्षा हमारा संकल्प
प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और मूल्यों के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उत्तराखंड की अस्मिता और पहचान को बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। स्पष्ट किया गया है कि राज्य की संस्कृति केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत आधार है, जिसकी रक्षा करना सामूहिक जिम्मेदारी है।
प्रदेश सरकार का संकल्प है कि अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को सुरक्षित रखते हुए उत्तराखंड को एक ऐसा राज्य बनाया जाए, जहां भावी पीढ़ी सुरक्षित, संस्कारित और सशक्त वातावरण में आगे बढ़ सके। सांस्कृतिक संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों को मजबूत करना और युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ना इस दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सरकार का मानना है कि विकास और आधुनिकता के साथ सांस्कृतिक पहचान का संतुलन बनाए रखना ही उत्तराखंड के समग्र विकास की कुंजी है। इसी सोच के तहत प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर, लोक परंपराओं और मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
