उत्तराखंड के वित्तीय प्रबंधन की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना, फिस्कल हेल्थ इंडेक्स में हिमालयी राज्यों में दूसरा स्थान
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने विधानसभा सत्र के दौरान राज्य की वित्तीय स्थिति और आर्थिक प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड ने वित्तीय प्रबंधन, राजकोषीय अनुशासन और सुशासन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिसकी राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हो रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य सरकार द्वारा पारदर्शी वित्तीय नीतियों को अपनाने, संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने और दीर्घकालिक आर्थिक दृष्टि के साथ योजनाओं को लागू करने का सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
भराड़ीसैंण (गैरसैण) में आयोजित विधानसभा सत्र में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में प्रकाशित फिस्कल हेल्थ इंडेक्स 2026 की रिपोर्ट में उत्तराखंड के वित्तीय प्रबंधन को मजबूत और संतुलित बताया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड को उत्तर-पूर्वी और हिमालयी राज्यों की श्रेणी में दूसरा स्थान मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार की योजनाबद्ध आर्थिक नीतियों, राजस्व बढ़ाने के प्रयासों और व्यय प्रबंधन में किए गए सुधारों का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में वित्तीय अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसी कारण राज्य की राजस्व स्थिति मजबूत बनी हुई है और विकास कार्यों के लिए संसाधनों का उपयोग भी संतुलित तरीके से किया जा रहा है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि विकास कार्यों पर खर्च करते समय वित्तीय स्थिरता को भी बनाए रखा जाए ताकि राज्य की अर्थव्यवस्था पर अनावश्यक दबाव न पड़े।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अरुण जेटली फाइनेंशियल मैनेजमेंट रिपोर्ट में भी उत्तराखंड के प्रदर्शन को सराहा गया है। इस रिपोर्ट में विशेष दर्जा प्राप्त हिमालयी राज्यों की श्रेणी में उत्तराखंड को दूसरा स्थान मिला है। यह रैंकिंग इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार ने वित्तीय संसाधनों के प्रबंधन और बजट प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट में भी यह उल्लेख किया गया है कि उत्तराखंड सरकार ने राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम के सभी मानकों का पालन किया है। राज्य ने राजस्व अधिशेष की स्थिति बनाए रखी है और राजकोषीय घाटा भी सकल राज्य घरेलू उत्पाद की निर्धारित सीमा के भीतर रखा गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य की वित्तीय व्यवस्था संतुलित और जिम्मेदार तरीके से संचालित हो रही है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल वित्तीय स्थिरता बनाए रखना ही नहीं बल्कि राज्य के समग्र विकास को भी गति देना है। इसी दिशा में बुनियादी ढांचे के विकास, सामाजिक क्षेत्रों में निवेश और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि विकास की गति को तेज करने के लिए वित्तीय अनुशासन के साथ-साथ दीर्घकालिक योजनाओं पर भी लगातार काम किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन के सिद्धांतों को आधार बनाकर काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को आर्थिक रूप से मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य के रूप में स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में राज्य की आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत होगी और विकास के नए आयाम स्थापित होंगे।
