उत्तराखंड में गंगा कॉरिडोर परियोजनाओं को रफ्तार: कुंभ से पहले विकास और स्वच्छता पर जोर
उत्तराखंड में आधारभूत संरचना के विकास को गति देने के उद्देश्य से आयोजित बैठक में राज्य की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रमुख गंगा कॉरिडोर और रिवरफ्रंट परियोजनाओं के निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए, ताकि इनका लाभ समय पर लोगों तक पहुंच सके। बैठक में विशेष रूप से हरिद्वार, ऋषिकेश और शारदा क्षेत्र में चल रही परियोजनाओं पर फोकस किया गया, जिन्हें राज्य के पर्यटन और धार्मिक महत्व के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि हरिद्वार गंगा कॉरिडोर, शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर और ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल स्थानीय स्तर पर सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि राज्य में आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी बेहतर अनुभव मिलेगा। गंगा किनारे के क्षेत्रों को विकसित कर उन्हें अधिक आकर्षक और व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
शारदा कॉरिडोर परियोजना के संदर्भ में अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का गहन अध्ययन किया जाए। खासकर भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसके लिए विशेषज्ञों की मदद से सुरक्षा उपायों को लागू करने के निर्देश दिए गए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या से बचा जा सके।
आगामी हरिद्वार कुंभ को ध्यान में रखते हुए गंगा नदी की स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को कहा गया कि गंगोत्री से हरिद्वार तक नदी की साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके। इसके अलावा हरिद्वार और ऋषिकेश में सफाई, सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया।
इस दिशा में यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि शहरों में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सड़क, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। इन प्रयासों से न केवल धार्मिक आयोजन सुचारू रूप से संपन्न होंगे, बल्कि राज्य की छवि भी बेहतर बनेगी।
बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने भी परियोजनाओं के महत्व को रेखांकित करते हुए सुझाव दिए और अधिकारियों से समन्वय बनाकर कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने की बात कही। कुल मिलाकर यह बैठक राज्य के समग्र विकास, पर्यटन को बढ़ावा देने और धार्मिक आयोजनों को सफल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
