उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर, ऑरेंज अलर्ट जारी, चारधाम यात्रियों के लिए एडवाइजरी, बदरीनाथ हाईवे बंद

उत्तराखंड में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने आम जनजीवन के साथ-साथ चारधाम यात्रा पर भी गहरा असर डालना शुरू कर दिया है। राज्य के कई जिलों में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। मौसम की गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए कई इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों, पर्यटकों और चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह जारी की है। अधिकारियों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम चुनौतीपूर्ण बना रह सकता है, इसलिए बिना आवश्यक कारण के यात्रा करने से बचना चाहिए।
लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और चट्टानें गिरने की घटनाओं का खतरा काफी बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूरी बनाए रखें। इसके साथ ही मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने और जिला प्रशासन द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
बारिश के बढ़ते खतरे को देखते हुए एहतियात के तौर पर प्रभावित जिलों के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को मंगलवार के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम में सुधार होने के बाद ही शिक्षण संस्थानों को दोबारा खोला जाएगा। इसके साथ ही आपदा प्रबंधन और राहत दलों को भी संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और पिछले कई दिनों से राज्य के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है। आने वाले समय में उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और पौड़ी गढ़वाल जैसे जिलों में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों के लोगों से विशेष सतर्कता बरतने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी है।
चारधाम यात्रा को लेकर भी प्रशासन ने विशेष एडवाइजरी जारी की है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं से कहा गया है कि यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की ताजा स्थिति की जानकारी अवश्य लें। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन, चट्टानों के खिसकने और सड़क बाधित होने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में मौसम अनुकूल होने पर ही यात्रा करना सुरक्षित माना जा रहा है।
लगातार बारिश का असर सड़क संपर्क पर भी साफ दिखाई दे रहा है। कंचननाला के पास पहाड़ी से मलबा आने के कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है, जिससे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हुई है। सड़क पर मलबा हटाने का काम जारी है, लेकिन लगातार हो रही बारिश राहत कार्यों में चुनौती पैदा कर रही है। प्रशासन यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोककर हालात सामान्य होने का इंतजार करने की सलाह दे रहा है।
दूसरी ओर, देहरादून के प्रेम नगर स्थित नंदा की चौकी में टौंस नदी पर बना नया पुल भी लगातार बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल को नुकसान पहुंचने से देहरादून, विकासनगर और पड़ोसी हिमाचल प्रदेश के बीच यातायात प्रभावित हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है और लोगों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी है।
मौसम विभाग ने पुरोला, बड़कोट, गंगोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ, सोनप्रयाग, थराली, नंदा देवी पर्वत क्षेत्र, मुनस्यारी, बेरीनाग, गंगोलीहाट, डीडीहाट, जसपुर, रुद्रपुर, खटीमा और आसपास के क्षेत्रों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील कर रहा है कि वे अफवाहों से बचें, केवल आधिकारिक मौसम संबंधी जानकारी पर भरोसा करें और मौसम सामान्य होने तक संवेदनशील इलाकों में जाने से परहेज करें। अधिकारियों का कहना है कि सतर्कता और समय पर लिए गए एहतियाती कदम किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय हैं।
