एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले: 2300 करोड़ की विकास परियोजनाओं को मंजूरी, स्कूटी योजना 2031 तक जारी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में मध्य प्रदेश के विकास, डिजिटल गवर्नेंस, शिक्षा, पर्यावरण, सिंचाई और अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने प्रदेश के समग्र विकास को गति देने के उद्देश्य से हजारों करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इन निर्णयों का लाभ आने वाले वर्षों में प्रदेश के लाखों नागरिकों, विद्यार्थियों, किसानों और उद्यमियों को मिलने की उम्मीद है।
बैठक में सबसे बड़ा फैसला प्रदेश में अधोसंरचना विकास और पुनर्वास कार्यों के लिए लगभग 2300 करोड़ रुपये की स्वीकृति का रहा। इसके साथ ही राज्य के डिजिटल ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया। स्टेट डाटा सेंटर के विस्तार, आधुनिकीकरण, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजास्टर रिकवरी सिस्टम को मजबूत करने के लिए 800 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस परियोजना का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को अधिक सुरक्षित, तेज और आधुनिक तकनीकों के अनुरूप बनाना है, ताकि नागरिकों को ऑनलाइन सेवाएं पहले से अधिक प्रभावी तरीके से मिल सकें।
सरकार ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विज्ञान पार्क, एकल नागरिक डाटाबेस परियोजना और बायोटेक्नोलॉजी पार्क के संचालन को वर्ष 2031 तक जारी रखने का निर्णय लिया है। इन योजनाओं के लिए 123 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। उज्जैन में विकसित हो रहे अत्याधुनिक विज्ञान पार्क और खगोलीय सुविधाओं से विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को आधुनिक अनुसंधान का अवसर मिलेगा। वहीं एकल नागरिक डाटाबेस परियोजना के माध्यम से सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लोगों तक अधिक पारदर्शी और तेज गति से पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
शिक्षा क्षेत्र में भी सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री स्कूटी योजना को वर्ष 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इस योजना के तहत सरकारी स्कूलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूटी का लाभ मिलता रहेगा। सरकार का मानना है कि इससे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन मिलेगा और शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल बनेगा। इसके अलावा शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के संचालन के लिए भी आवश्यक बजट स्वीकृत किया गया है।
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश के 65 नगरीय निकायों और उनके आसपास के क्षेत्रों में नमो हरित नगर योजना के तहत शहरी वन विकसित किए जाएंगे। इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। वहीं केन-बेतवा लिंक परियोजना सहित विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और विस्थापन के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने का भी निर्णय लिया गया है, जिससे प्रभावित लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
बैठक में निवेश को बढ़ावा देने के लिए आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश प्रोत्साहन नीति में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। साथ ही उपार्जित गेहूं, चना, ज्वार और बाजरा के बेहतर निस्तारण के लिए नई नीति को स्वीकृति मिली है। सरकार का मानना है कि इन फैसलों से प्रदेश में निवेश, रोजगार, डिजिटल सेवाओं, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और अधोसंरचना विकास को नई गति मिलेगी तथा मध्य प्रदेश तकनीकी और आर्थिक रूप से अधिक सशक्त राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
