केंद्र ने 8वें वेतन आयोग के गठन को दी मंजूरी, 1 जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद; बिहार-झारखंड के लाखों कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

केंद्र सरकार ने मंगलवार को आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन को मंजूरी दे दी है, जो 1 जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि आयोग में एक अध्यक्ष, एक अंशकालिक सदस्य और एक सदस्य-सचिव शामिल होंगे। यह आयोग अपने गठन की तिथि से 18 महीनों के भीतर अपनी सिफारिशें देगा।
सरकार ने कहा कि यह आयोग करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों, जिसमें रक्षा सेवा कर्मी भी शामिल हैं, को कवर करेगा। परंपरागत रूप से, वेतन आयोग की सिफारिशें हर 10 साल में लागू होती हैं, इसलिए इसकी सिफारिशें अगले साल से प्रभावी मानी जा रही हैं।
बैठक में रबी सीजन 2025-26 के लिए फॉस्फेटिक और पोटाशिक उर्वरकों पर सब्सिडी दरें तय करने को भी मंजूरी मिली। वैष्णव ने बताया कि रबी 2025-26 के लिए अनुमानित बजटीय आवश्यकता लगभग ₹37,952.29 करोड़ होगी, जो खरीफ 2025 की तुलना में ₹736 करोड़ अधिक है। इससे किसानों को डीएपी और एनपीकेएस उर्वरक सस्ती दरों पर उपलब्ध हो सकेंगे।
बिहार और झारखंड के संदर्भ में, 8वें वेतन आयोग का लाभ फिलहाल केंद्र सरकार के कर्मचारियों को पहले मिलेगा। लेकिन राज्य सरकारें यदि इसकी सिफारिशों को अपनाती हैं, तो बिहार के लगभग 8 लाख और झारखंड के हजारों राज्यकर्मी एवं पेंशनर्स को भी इसका फायदा होगा। इससे दोनों राज्यों के सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की संभावना है।
