कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: सचिन सिवाच ने 5-0 से जीता क्वार्टर फाइनल, भारत के लिए एक और मेडल किया पक्का

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। भारतीय बॉक्सिंग टीम ने एक बार फिर अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराते हुए देश के लिए एक और पदक सुनिश्चित कर लिया है। पुरुषों के 60 किलोग्राम भार वर्ग के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारतीय मुक्केबाज सचिन सिवाच ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए बोत्सवाना के ट्रेजर मोरेमी को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। इस जीत के साथ उन्होंने भारत के लिए कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर दिया है और अब उनकी नजर फाइनल में पहुंचकर गोल्ड मेडल जीतने पर होगी।
एसईसी हॉल-5 में खेले गए इस मुकाबले में शुरुआत से ही सचिन सिवाच पूरी तरह लय में नजर आए। उन्होंने आक्रामक रणनीति अपनाते हुए अपने प्रतिद्वंद्वी पर लगातार दबाव बनाए रखा। तेज फुटवर्क, सटीक पंच और शानदार डिफेंस के दम पर उन्होंने मुकाबले को पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखा। पहले राउंड में ही सचिन ने ऐसा प्रभाव छोड़ा कि सभी पांच जजों ने उन्हें विजेता माना। इससे भारतीय खिलाड़ी का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ।
दूसरे राउंड में भी सचिन ने अपनी लय बरकरार रखी। उन्होंने बेहतरीन तकनीक और संयम का परिचय देते हुए विपक्षी मुक्केबाज को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। उनके लगातार सटीक पंच और आक्रामक खेल ने सभी जजों को प्रभावित किया और एक बार फिर पांचों जजों ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया। तीसरे राउंड में ट्रेजर मोरेमी ने मुकाबले में वापसी की कोशिश जरूर की और एक जज को प्रभावित करने में सफल रहे, लेकिन बाकी चार जजों ने सचिन के प्रदर्शन को बेहतर मानते हुए उनके पक्ष में निर्णय दिया। इस तरह भारतीय मुक्केबाज ने 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से मुकाबला जीतकर सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली।
कॉमनवेल्थ गेम्स के बॉक्सिंग नियमों के अनुसार सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले सभी मुक्केबाजों का कम से कम ब्रॉन्ज मेडल तय हो जाता है। ऐसे में सचिन सिवाच की इस जीत के साथ भारत के खाते में एक और पदक जुड़ना तय हो गया है। अब उनकी पूरी कोशिश सेमीफाइनल मुकाबला जीतकर फाइनल में जगह बनाने और स्वर्ण पदक के लिए चुनौती पेश करने की होगी।
सचिन सिवाच इस संस्करण में सेमीफाइनल में पहुंचने वाले भारत के छठे मुक्केबाज बन गए हैं। इससे पहले भारतीय महिला और पुरुष मुक्केबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अंतिम चार में अपनी जगह बनाई थी। इससे साफ है कि इस बार भारतीय बॉक्सिंग टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ उतर रही है और खिलाड़ियों का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप रहा है।
भारतीय महिला मुक्केबाजों ने भी इस प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन किया है। महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग में प्रिया ने स्कॉटलैंड की नियाम मिशेल को 4-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। वहीं महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति ने नॉर्दर्न आयरलैंड की निकोल क्लाइड को 5-0 से हराकर पदक पक्का किया। पुरुषों के 55 किलोग्राम वर्ग में जादुमनी सिंह ने भी अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में शानदार जीत दर्ज करते हुए अंतिम चार में प्रवेश किया।
बुधवार को भारतीय टीम को एक और बड़ी सफलता तब मिली जब महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग में साक्षी ने नॉर्दर्न आयरलैंड की कैटलिन फ्रायर्स को 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इसके बाद अरुंधति चौधरी ने भी न्यूजीलैंड की मॉर्गन हेंडरसन को कड़े मुकाबले में 3-1 के विभाजित फैसले से हराकर भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित किया।
भारतीय मुक्केबाजों के लगातार शानदार प्रदर्शन ने यह संकेत दिया है कि इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में बॉक्सिंग भारत के लिए सबसे सफल खेलों में से एक साबित हो सकता है। खिलाड़ियों का आत्मविश्वास, बेहतरीन तैयारी और तकनीकी मजबूती उन्हें पदक की दौड़ में लगातार आगे बनाए हुए है। अब देश की निगाहें सेमीफाइनल मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां भारतीय मुक्केबाज जीत हासिल कर फाइनल में पहुंचने और स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने की कोशिश करेंगे।
