मध्यप्रदेश में ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ अभियान शुरू, मुख्यमंत्री मोहन यादव बोले- नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस से होगी निर्णायक कार्रवाई

मध्यप्रदेश में नशे के खिलाफ जनजागरूकता को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ अभियान की शुरुआत की गई है। अभियान के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसी भी समाज को कमजोर करने का सबसे आसान तरीका उसे नशे की गिरफ्त में धकेलना होता है, इसलिए राज्य सरकार नशे के खिलाफ पूरी सख्ती के साथ काम कर रही है। उन्होंने लोगों से नशा मुक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए सभी को नशा न करने की शपथ भी दिलाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। पुलिस लगातार संगठित अपराधियों और नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि केवल कानून के जरिए ही नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता और जनभागीदारी के माध्यम से भी इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। इसी सोच के साथ धार्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और विभिन्न सरकारी विभागों को इस अभियान से जोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश के 19 प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास नशा और शराबबंदी लागू कर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसका उद्देश्य धार्मिक और सामाजिक वातावरण को स्वच्छ बनाए रखना तथा युवाओं को नशे की लत से दूर रखना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश ने नक्सलवाद जैसी गंभीर चुनौती पर भी समय से पहले प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है और अब सरकार नशा मुक्त समाज के लक्ष्य की ओर उसी दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उच्च शिक्षा संस्थानों में नशा मुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विशेष पाठ्यक्रम भी शुरू किए गए हैं ताकि विद्यार्थियों को न केवल नशे के दुष्परिणामों की जानकारी मिले, बल्कि वे जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित हों। उन्होंने यह भी कहा कि नशे के आदी लोगों के पुनर्वास के लिए सरकार विभिन्न स्तरों पर प्रभावी प्रयास कर रही है, जिससे वे सामान्य जीवन की मुख्यधारा में लौट सकें।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों की भी सराहना की गई। सामाजिक न्याय विभाग ने जागरूकता सामग्री तैयार कर अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया, जबकि पुलिस विभाग ने सामुदायिक सुरक्षा कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। स्कूलों और कॉलेजों में प्रशिक्षण कार्यक्रम, संवाद सत्र और जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी और सुरक्षित जीवनशैली के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो सके।
अधिकारियों ने बताया कि ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ अभियान 15 जुलाई से 30 जुलाई तक पूरे मध्यप्रदेश में चलाया जाएगा। इसमें एनसीसी, एनएसएस, खेल संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं, सामाजिक समितियों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के तहत जनसंवाद, हेल्पलाइन, काउंसलिंग, जागरूकता रैलियां और विभिन्न सामाजिक गतिविधियां आयोजित होंगी। सरकार का मानना है कि कानून, जागरूकता, शिक्षा और सामाजिक सहयोग के संयुक्त प्रयासों से ही नशा मुक्त मध्यप्रदेश के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल किया जा सकता है और युवाओं के लिए सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।
