रायपुर : प्रदेश में नक्सलवाद समाप्त कर गढ़ेगें विकास की राह: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

1758286222_83d1e05aa6a41d9fbe57

बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम के आयोजन से लोगों में बढ़ा सरकार के प्रति विश्वास

प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के संकल्प को पूरा करने राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कर रही है काम 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय गुरूवार को सुदर्शन चौनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में साक्षात्कार के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को समाप्त कर लोगों का विश्वास जीतना और विकास की दिशा में आगे बढ़ना हमारी सरकारी की प्रमुख उद्देश्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस उद्देश्य को धरातल पर लाने के लिए नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर को उन्नत बनाने का कार्य कर रही है। अब तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के 327 गांव आबाद हो चुके हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। नक्सलियों की गतिविधियों से निर्दाेष लोगों की मौत हो रहीं थी, आम लोगों की रक्षा करना सरकार का दायित्व है। हमारी सरकार ने नक्सलवाद को 31 मार्च 2026 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। सरकार बनने के बाद ज्वाइंट टास्क फोर्स का गठन कर नक्सलवाद को समाप्त करने प्रयास जारी है। 

विकसित भारत के संकल्प के साथ ही विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प होगा पूरा  

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री का संकल्प 2047 तक भारत को विकसित भारत के रुप में खड़ा करना है। यह संकल्प सबकी सहभागी से पूरा हो और इस संकल्प को पूरा करनेे केन्द्र और राज्य सरकार का निंरतर कार्य कर रही है। एक नया भारत का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प के साथ ही विकसित अंजोर विजन (छत्तीगढ़ विजन) डॉक्यूमेंट 2047  तैयार कर राज्य के विकास के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। सभी को विकसित छत्तीसगढ बनाने में सहयोग करना चाहिए। 

बस्तर के आदिवासियों को देश-दुनिया से जोड़कर दिखाया जा रहा है विकास की राह 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जा रहा है, ताकि शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सके। वनांचल में तेंदूपत्ता खरीदने का कार्य सहकारी समितियों के माध्यम से किया जा रहा है। इसके साथ ही बस्तर के लोगों में नक्सलवादी विचारधारा को जागरूक करने एवं विकास की धारा में जोड़ने के उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक व बस्तर पंडुम का आयोजन किया जा रहा है। बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार लोग शामिल होकर यह साबित किए हैं कि वे विकास की मार्ग पर आगे बढना चाहते हैं। 

जापान और कोरिया के लगभग 150 उद्यमी से हुआ संपर्क 
आगामी में 6-7 माह में छत्तीसगढ़ में 7 लाख करोड़ के निवेश का मिला प्रस्ताव 

मुख्यमंत्री ने अपने विदेश यात्रा को लेकर बताया कि हमारी यात्रा सफल रही जापान और कोरिया में देश का पवेलियन लगा था, हमें 24 से 31 अगस्त तक का समय मिला था जहां सभी क्षेत्र की कला को प्रदर्शित किया गया। उन्होेंने बताया कि प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए विदेश उद्योगपतियों को आमंत्रित किए हैं। नई उद्योग नीति के संबंध में भी जानकारी दिए गए हैं।  नई उद्योग नीति में रोजगार को शामिल किया गया है।

 जापान और कोरिया के लगभग 150 उद्यमी से संपर्क हुआ

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ में उद्योग की अपार संभावनाएं हैं। यहां नैसर्गिक संपदा है, आयुर्वेदिक के लिए हर्बल प्लांट के हिसाब से देखा जाए तो यहां 44 प्रतिशत वन है। उन्होंने दूरस्थ वनांचलों में भी स्वास्थ्य के क्षेत्र में कफी विकास हुआ है। प्रदेश में वर्तमान में 15 मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, एन आई टी, आई आई एम, नेशनल ला यूनिवर्सिटी सहित उच्च शिक्षण संस्थान की स्थापना की गई है स

भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी के योगदान से यहां एम्स की भी स्थापना हुई है। अब स्वास्थ्य के लिहाज से यहां के लोगों को प्रदेश से बाहर जाना नहीं पड़ेगा। वहीं यहां के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। 18 स्थानीय बोली भाषा में पाठ्य पुस्तक बनाकर छात्रों को उपलब्ध करा रहे हैं।

गायों को लावारिस ना छोड़ें, गौवंश की रक्षा करना हम सब का दायित्व गोचर भूमि में अवैध कब्जा को हटाने सख्ती से कार्यवाही 

मुख्यमंत्री श्री साय ने लोगों को आग्रह करते हुए कहा कि आज गाय सड़क पर विचरण कर रहीं हैं, हमें गायों को लावारिस नहीं छोड़ना चाहिए। लावारिस जानवरों के कारण दुर्घटनाएं हो रही है। गौवंश की रक्षा का दायित्व हम सभी का है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में गोचर भूमि में अवैध कब्जा को हटाने का कार्य सरकार करती है। कहीं भी अवैध कब्जा की शिकायत प्राप्त हुआ होगा तो सरकार उसे खाली कराएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed