‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ से वैश्विक एआई नेतृत्व की ओर बढ़ेगा भारत

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विशेषज्ञों का मानना है कि फरवरी 2026 में होने वाला ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ भारत को दुनिया में एक ऐसे बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करेगा, जो जिम्मेदार, सुरक्षित और समावेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के भविष्य को दिशा देगा। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, इस समिट की जानकारी ‘डिजिटल इंडिया: आस्क आवर एक्सपर्ट्स’ कार्यक्रम के 38वें एपिसोड में साझा की गई।

यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 16 से 20 फरवरी 2026 तक राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित किया जाएगा। इसके तहत नीति-निर्माताओं, तकनीकी विशेषज्ञों, स्टार्टअप्स और युवाओं को एक साझा मंच मिलेगा, जहां एआई के जिम्मेदार उपयोग और इसके सामाजिक प्रभावों पर चर्चा की जाएगी।

मंत्रालय के अनुसार, यह समिट तीन मुख्य स्तंभों — लोग (People), ग्रह (Planet) और प्रगति (Progress) — पर आधारित होगा। इन स्तंभों पर काम करने के लिए अलग-अलग कार्य समूह बनाए गए हैं, जिन्हें ‘चक्र’ कहा गया है। इन समूहों से निकलने वाले सुझाव भारत और अन्य विकासशील देशों में एआई नीति, कौशल विकास और व्यावहारिक उपयोग को दिशा देंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एआई का लाभ केवल कुछ बड़े संस्थानों तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।

विशेषज्ञों ने बताया कि यह समिट युवाओं, स्टार्टअप्स, महिला इनोवेटर्स और टियर-2 तथा टियर-3 शहरों के छात्रों के लिए बड़े अवसर लेकर आएगा। इसके तहत एआई और डेटा लैब्स, वैश्विक चुनौतियां, आइडिया पिच सेशन और ‘युवाई ग्लोबल यूथ चैलेंज’ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि नई प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच मिल सके।

इसके साथ ही ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ भी 16 से 20 फरवरी तक भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। इस एक्सपो में दिखाया जाएगा कि किस तरह एआई शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन जैसे अहम क्षेत्रों में बदलाव ला रहा है। आम नागरिकों को यह समझने का मौका मिलेगा कि तकनीक उनके रोजमर्रा के जीवन को कैसे बेहतर बना सकती है।

कार्यक्रम के दौरान नागरिकों ने एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, ओपन डेटा एक्सेस, हेल्थकेयर डेटासेट, स्टार्टअप्स की भूमिका, डिजिटल समावेशन और ऑनलाइन सहभागिता जैसे अहम मुद्दों पर भी सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने भरोसा दिलाया कि इंडिया एआई एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है, जो खुला, सुरक्षित और सभी के लिए सुलभ होगा, ताकि छोटे समूह और सरकारी संस्थाएं भी एआई का लाभ उठा सकें।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय एआई स्टार्टअप्स से समाज की भलाई के लिए तकनीक के उपयोग की अपील की थी। उन्होंने अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर स्टार्टअप्स के साथ बैठक कर युवाओं को एआई आधारित नवाचारों से सामाजिक समस्याओं के समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एआई को सस्ता, पारदर्शी और सभी के लिए उपयोगी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने एआई स्टार्टअप्स के काम की सराहना करते हुए कहा कि वे ई-कॉमर्स, कंटेंट रिसर्च और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में बेहतरीन योगदान दे रहे हैं।

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