कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: नीरज चोपड़ा ने जीता सिल्वर, यशवीर सिंह ने आखिरी थ्रो में दिलाया ब्रॉन्ज, भारत के 23 पदक पूरे

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स टीम ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में दो पदक अपने नाम किए। भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी और ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता, जबकि युवा खिलाड़ी यशवीर सिंह ने अपने आखिरी प्रयास में बेहतरीन थ्रो कर ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। इस मुकाबले ने भारतीय खेल प्रेमियों को रोमांच से भर दिया और एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत जैवलिन थ्रो में दुनिया की मजबूत टीमों में शामिल हो चुका है।
नीरज चोपड़ा ने प्रतियोगिता की शुरुआत 80.97 मीटर के थ्रो के साथ की। इसके बाद उन्होंने दूसरे प्रयास में 85.83 मीटर का शानदार थ्रो किया, जो इस सीजन का उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी रहा। इस बेहतरीन प्रयास ने उन्हें लंबे समय तक पदक की दौड़ में बनाए रखा। हालांकि उन्होंने इसके बाद तीसरे और चौथे प्रयास में क्रमशः 81.29 मीटर और 80.73 मीटर की दूरी ही हासिल की। इसके बावजूद उनका दूसरा प्रयास इतना प्रभावशाली रहा कि उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया। नीरज का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि वह लगातार बड़े मंच पर भारत के लिए शानदार नतीजे देने की क्षमता रखते हैं।
इस स्पर्धा में श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिराज ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 89.75 मीटर का दमदार थ्रो कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उनकी इस दूरी तक कोई अन्य खिलाड़ी नहीं पहुंच सका और उन्होंने पूरे मुकाबले में अपना दबदबा बनाए रखा। शानदार तकनीक और बेहतरीन लय के साथ उन्होंने प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया।
भारतीय खिलाड़ी यशवीर सिंह ने मुकाबले में जबरदस्त वापसी करते हुए सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। शुरुआती प्रयासों में वह पदक की दौड़ में मजबूत स्थिति में नहीं दिख रहे थे। दूसरे प्रयास में उन्होंने 78.55 मीटर और तीसरे प्रयास में 81.33 मीटर का थ्रो किया। पांचवें प्रयास में उनका प्रदर्शन थोड़ा कमजोर रहा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अंतिम और निर्णायक प्रयास में यशवीर ने 85.41 मीटर का शानदार थ्रो किया। इस थ्रो ने न केवल उन्हें ब्रॉन्ज मेडल दिलाया बल्कि उनके करियर का नया व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी बन गया। आखिरी प्रयास में मिला यह पदक भारतीय दल के लिए बेहद खास साबित हुआ।
भारत के एक अन्य खिलाड़ी रोहित यादव भी इस स्पर्धा में शामिल रहे। उन्होंने प्रतियोगिता में 81.56 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया और सातवें स्थान पर रहे। रोहित ने पूरे मुकाबले में निरंतर प्रयास किए और अपने प्रदर्शन से अनुभव हासिल किया। हालांकि वह पदक जीतने से चूक गए, लेकिन उन्होंने भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत जरूर दिए।
पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में मिले इन दो पदकों के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के कुल पदकों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। भारतीय दल अब तक 5 गोल्ड, 12 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज मेडल जीत चुका है। एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में भारत का प्रदर्शन लगातार मजबूत रहा है और इन दोनों खेलों में टीम अब तक 11 पदक हासिल कर चुकी है। इसके अलावा वेटलिफ्टिंग, जूडो और पैरा पावरलिफ्टिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाया है। मौजूदा समय में भारत पदक तालिका में 10वें स्थान पर बना हुआ है और आने वाले मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों से पदकों की संख्या बढ़ाने की उम्मीद की जा रही है।
