कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: हरजिंदर कौर ने 69 किग्रा वेटलिफ्टिंग में जीता सिल्वर, परिवार को समर्पित किया मेडल

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की पदक यात्रा लगातार मजबूत होती जा रही है। इस क्रम में भारतीय महिला वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए एक और रजत पदक जीत लिया। महिलाओं के 69 किलोग्राम भार वर्ग में उन्होंने कुल 227 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। पूरे मुकाबले के दौरान उनका प्रदर्शन आत्मविश्वास, तकनीकी दक्षता और निरंतरता से भरपूर रहा। उन्होंने अपनी सभी छह लिफ्ट सफलतापूर्वक पूरी कीं, जिसने उनके बेहतरीन प्रदर्शन को और भी खास बना दिया।

प्रतियोगिता की शुरुआत हरजिंदर कौर ने स्नैच स्पर्धा से की, जहां उन्होंने 101 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाकर मजबूत शुरुआत की। इसके बाद क्लीन एंड जर्क राउंड में उन्होंने 126 किलोग्राम वजन उठाया और कुल 227 किलोग्राम के साथ रजत पदक हासिल किया। दोनों चरणों में उनका प्रदर्शन संतुलित और प्रभावशाली रहा, जिससे वह पूरे मुकाबले में पदक की दौड़ में बनी रहीं।

मेडल जीतने के बाद हरजिंदर ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वह अपने प्रदर्शन और सिल्वर मेडल दोनों से बेहद संतुष्ट हैं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान वह क्लीन एंड जर्क में इससे अधिक वजन भी उठा चुकी हैं, लेकिन प्रतियोगिता के दबाव में अपनी सभी छह लिफ्ट सफलतापूर्वक पूरी करना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। उनका मानना है कि किसी भी बड़े टूर्नामेंट में निरंतर प्रदर्शन करना सबसे महत्वपूर्ण होता है और इस बार उन्होंने वही हासिल किया।

हरजिंदर ने यह भी बताया कि इस प्रतियोगिता में उतरने से पहले उनका लक्ष्य सिर्फ पदक जीतना नहीं था, बल्कि पिछले प्रदर्शन से बेहतर करना और अपने मेडल का रंग बदलना भी था। उन्होंने कहा कि इस बार उन्होंने तकनीक और आत्मविश्वास दोनों पर विशेष ध्यान दिया था, जिसका परिणाम उन्हें सिल्वर मेडल के रूप में मिला। हालांकि उनका सपना स्वर्ण पदक जीतने का था, लेकिन वह अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हैं और भविष्य में इससे भी बेहतर करने के लिए प्रेरित महसूस कर रही हैं।

भारतीय वेटलिफ्टर ने अपने इस पदक को अपने परिवार को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने हर कठिन समय में उनका साथ दिया और लगातार उनका हौसला बढ़ाया। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय वेटलिफ्टिंग महासंघ का भी आभार व्यक्त किया, जिसने प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के दौरान उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान किया। हरजिंदर ने बताया कि जब भी वह किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतती हैं तो सबसे पहले अपनी मां को फोन करती हैं। इस बार भी उन्होंने यही किया। उन्होंने कहा कि उनकी मां पिछले कुछ दिनों से प्रतियोगिता को लेकर काफी चिंतित थीं और पदक जीतने के बाद सबसे पहले उन्होंने अपनी मां की खुशी महसूस की। उनकी मां ने उन्हें बधाई दी और इस सफलता पर गर्व व्यक्त किया।

महिलाओं के 69 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक कनाडा की शार्लेट सिमोन्यू ने जीता। उन्होंने स्नैच में 108 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 132 किलोग्राम सहित कुल 240 किलोग्राम वजन उठाकर पहला स्थान हासिल किया। वहीं ऑस्ट्रेलिया की न्या फीबे हेमैन ने कुल 218 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 97 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 121 किलोग्राम वजन उठाया।

हरजिंदर कौर की यह उपलब्धि भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए बेहद प्रेरणादायक मानी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय महिला वेटलिफ्टरों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है और हरजिंदर ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया है। उनकी इस सफलता से न केवल भारत की पदक संख्या में इजाफा हुआ है, बल्कि युवा खिलाड़ियों को भी बड़े मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिली है। आने वाले वर्षों में उनसे और भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है और खेल प्रेमियों को विश्वास है कि वह भविष्य में भारत के लिए स्वर्ण पदक भी जीत सकती हैं।

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