बिहार की ग्रामीण सड़कें होंगी और चौड़ी, गांवों को मिलेगा विकास का नया रास्ता

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा घोषित ‘सात निश्चय-3’ के तहत बिहार में ग्रामीण सड़कों के चौड़ीकरण की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि राज्य की ग्रामीण सड़कों को अब पहले से ज्यादा चौड़ा बनाया जाएगा, जिससे गांवों में आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत बनी अधिकतर सड़कें लगभग 3.75 मीटर (करीब 13.5 फीट) चौड़ी हैं। नई योजना के तहत इन सड़कों का विस्तार कर इन्हें 5.5 मीटर (करीब 18 फीट) चौड़ा किया जाएगा। सड़कों के चौड़ीकरण से भारी वाहनों की आवाजाही आसान होगी और ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार आएगा।
योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। मंत्री ने बताया कि 31 मार्च तक एक विशेष मोबाइल ऐप के माध्यम से सर्वे करने वाले अभियंताओं के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद 30 जून तक सभी चिन्हित सड़कों का सर्वे किया जाएगा। सर्वे के दौरान यह जांच की जाएगी कि सड़क के दोनों ओर कितनी सरकारी जमीन उपलब्ध है, ताकि चौड़ीकरण की योजना उसी अनुसार बनाई जा सके।
आमतौर पर ग्रामीण सड़कों के निर्माण में जमीन अधिग्रहण की जरूरत नहीं होती, लेकिन इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत जहां सरकारी जमीन कम पड़ेगी, वहां जमीन अधिग्रहण पर भी विचार किया जाएगा, ताकि किसी भी सड़क का काम बाधित न हो।
मंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि यह फैसला ग्रामीण क्षेत्रों से मिल रही लगातार शिकायतों और मांगों के बाद लिया गया है। चुनाव के दौरान कई गांवों से यह मुद्दा सामने आया था कि संकरी सड़कों के कारण यातायात में दिक्कतें होती हैं। साथ ही गांवों में रोजगार बढ़ने और छोटे उद्योगों के शुरू होने से भारी वाहनों की आवाजाही भी बढ़ गई है, जिसके लिए चौड़ी सड़कों की जरूरत महसूस की जा रही थी।
सरकार का मानना है कि सड़कों के चौड़ीकरण से न सिर्फ यातायात सुगम होगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और गांवों का विकास तेज होगा।
