NEET री-एग्जाम देने वाले छात्रों के लिए बड़ी राहत, बिहार में सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा का ऐलान

बिहार सरकार ने NEET UG 2026 की दोबारा होने वाली परीक्षा को लेकर छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि राज्य में NEET री-एग्जाम में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। इस फैसले का उद्देश्य छात्रों को परीक्षा केंद्र तक आसानी से पहुंचाना और उन पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम करना है।
दरअसल, हाल ही में पेपर लीक विवाद के कारण NEET UG 2026 की परीक्षा रद्द कर दी गई थी, जिसके बाद अब परीक्षा का पुनः आयोजन 21 जून 2026 को किया जाएगा। परीक्षा दोबारा आयोजित होने की खबर के बाद लाखों छात्रों और उनके परिवारों के सामने यात्रा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर चिंता बढ़ गई थी। ऐसे में बिहार सरकार की यह पहल छात्रों के लिए राहत भरी मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि परीक्षा के दिन अभ्यर्थियों को केवल अपना एडमिट कार्ड दिखाना होगा, जिसके बाद वे बिहार की सभी सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। इससे दूर-दराज के जिलों और ग्रामीण इलाकों से आने वाले छात्रों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। कई छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, ऐसे में यह सुविधा उनके लिए काफी मददगार साबित होगी।
इस फैसले का स्वागत अभिभावकों और छात्रों दोनों ने किया है। कई परिवार ऐसे होते हैं जिनके लिए परीक्षा के दौरान यात्रा और रहने की व्यवस्था करना आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो जाता है। मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मिलने से उनका खर्च कम होगा और छात्र बिना तनाव के परीक्षा की तैयारी और यात्रा कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केवल सरकारी स्तर पर ही नहीं बल्कि सामाजिक संगठनों और आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने जिला प्रशासन, गैर-सरकारी संगठनों, मठ-मंदिरों और सामाजिक संस्थाओं से अनुरोध किया कि वे परीक्षा के दिन बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और परीक्षा केंद्रों के आसपास छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए पेयजल, सत्तू, शरबत और अन्य जरूरी खाद्य सामग्री की व्यवस्था करें। उनका कहना है कि यह समय छात्रों का मनोबल बढ़ाने और उन्हें सहयोग देने का है।
राज्य सरकार की इस पहल को मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा कदम माना जा रहा है। परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर छात्रों को सुविधाएं उपलब्ध कराने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे बेहतर तरीके से परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। वहीं प्रशासन को भी निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दिन परिवहन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा जाए ताकि किसी छात्र को परेशानी का सामना न करना पड़े।
इधर परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े दूसरे पहलुओं पर भी काम जारी है। परीक्षा रद्द होने के बाद अभ्यर्थियों के शुल्क वापसी को लेकर भी व्यवस्था शुरू कर दी गई है। उम्मीदवारों को अपने बैंक खाते की जानकारी ऑनलाइन जमा करनी होगी ताकि रिफंड की प्रक्रिया पूरी की जा सके। परीक्षा को लेकर छात्रों में एक बार फिर तैयारी का माहौल बन गया है और अब सभी की नजरें 21 जून को होने वाली परीक्षा पर टिकी हुई हैं।
