बिहार: चुनाव बाद एक करोड़ से अधिक युवाओं को मिलेगा मुफ्त तकनीकी प्रशिक्षण, बनेगा ग्लोबल डिजिटल टैलेंट हब

बिहार सरकार ने युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास को अपनी प्राथमिकता बना लिया है। विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में एक करोड़ से ज्यादा छात्रों और युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की जाएगी।
इस योजना के तहत छात्रों को ड्रोन, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) और डेटा साइंस जैसी उभरती तकनीकों में मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें स्कूल और कॉलेज में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के साथ ही स्नातक पूरा कर चुके युवा भी शामिल होंगे।
सरकार का लक्ष्य है कि बिहार को वर्ष 2030 से पहले ही एक ग्लोबल डिजिटल टैलेंट हब के रूप में स्थापित किया जाए। यह पहल नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) की उस सिफारिश से भी जुड़ी है, जिसमें स्कूल और उच्च शिक्षा संस्थानों से जुड़े कम से कम 50% युवाओं को हुनरमंद बनाने की बात कही गई है।
इंडस्ट्री-रेडी कोर्स और इंटर्नशिप
एआईसीटीई (AICTE) के अनुसार, इस योजना के लिए तैयार किए गए कोर्स उद्योगों की मांग के मुताबिक होंगे। उद्देश्य यह है कि प्रशिक्षण पूरा करते ही छात्र-छात्राओं को निजी कंपनियों में नौकरी मिल सके या फिर वे खुद का रोजगार शुरू कर सकें। इसके साथ ही युवाओं को इंटर्नशिप का भी अवसर मिलेगा।
व्यवसायिक शिक्षा होगी मजबूत
सरकार नियमित व्यवसायिक शिक्षा कोर्स भी लागू करने जा रही है।
- कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को कौशल विकास की शुरुआती ट्रेनिंग दी जाएगी।
- कक्षा 9 से 12 तक इसे एक विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा।
छात्र अपनी रुचि के अनुसार किसी भी क्षेत्र का चुनाव कर सकेंगे।
