बिहार चुनाव 2025: एनडीए में सीट बंटवारा तय, बीजेपी-जेडीयू 101-101 सीटों पर लड़ेगी

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर लंबे इंतजार के बाद आखिरकार एनडीए में सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय हो गया है। दिल्ली में हुई हाईलेवल बैठक में बीजेपी और जेडीयू के बीच बराबर-बराबर 101-101 सीटों पर समझौता हुआ है। इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान को 29 सीटें दी गई हैं। वहीं, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख जीतनराम मांझी और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति दल (RLJD) के नेता उपेंद्र कुशवाहा को 6-6 सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा।
सूत्रों के मुताबिक, एनडीए की यह बैठक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में संपन्न हुई। इस दौरान सभी सहयोगी दलों के नेताओं ने अपने-अपने हिस्से की सीटों को लेकर अंतिम सहमति जताई। अब उम्मीदवारों की सूची को लेकर अंतिम चर्चा जारी है, जो जल्द ही सार्वजनिक की जाएगी।
बीजेपी और जेडीयू के बीच सीट बंटवारे को लेकर पिछले कई हफ्तों से बातचीत चल रही थी। सूत्रों का कहना है कि दोनों दलों ने गठबंधन की एकता और चुनावी मजबूती को ध्यान में रखते हुए बराबर सीटों पर लड़ने का फैसला किया है। बीजेपी उन सीटों पर फोकस करेगी, जहां पिछली बार उसका प्रदर्शन मजबूत रहा था, जबकि जेडीयू अपनी परंपरागत सीटों को प्राथमिकता देगी।
वहीं, चिराग पासवान को 29 सीटें मिलना लोजपा (रामविलास) के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पासवान युवाओं और शहरी मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ को मजबूत करने में जुटे हैं। दूसरी ओर, जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा को सीमित सीटें मिलने के बावजूद वे अपने-अपने प्रभाव वाले इलाकों में एनडीए के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एनडीए में सीट बंटवारे का यह फॉर्मूला गठबंधन के भीतर स्थिरता और संतुलन का संकेत देता है। अब सभी की नजर उम्मीदवार सूची और चुनाव प्रचार रणनीति पर है, जो तय करेगी कि 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए बिहार में कितनी मजबूती से उतरता है।
