बिहार में SIR विवाद: राहुल गांधी की यात्रा के बाद तेजस्वी यादव की अलग यात्रा क्यों?

बिहार की सियासत में इन दिनों SIR (Special Voter List Revision) मुद्दा गरमा गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में इस विषय पर बड़ी पहल करते हुए 20 जिलों में 1300 किलोमीटर लंबी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ निकाली थी। इस यात्रा का मकसद वोटर लिस्ट रिवीजन की प्रक्रिया में हो रही कथित गड़बड़ियों के खिलाफ जनसमर्थन जुटाना था।
लेकिन राहुल गांधी की इस सक्रियता के तुरंत बाद, राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी अपनी अलग यात्रा निकालने का एलान कर दिया है। सवाल उठ रहा है कि जब दोनों दल महागठबंधन का हिस्सा हैं और एक ही मुद्दे पर आवाज उठा रहे हैं, तो फिर तेजस्वी को स्वतंत्र यात्रा की ज़रूरत क्यों पड़ी?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि:
- राहुल गांधी की यात्रा से कांग्रेस ने बिहार की सियासत में सीधी पकड़ बनाने की कोशिश की है।
- तेजस्वी यादव नहीं चाहते कि इस आंदोलन का पूरा श्रेय कांग्रेस को मिले।
- अलग यात्रा निकालकर तेजस्वी यह संदेश देना चाहते हैं कि राजद ही बिहार में असली लड़ाई की अगुवाई कर रहा है।
👉 कुल मिलाकर, SIR मुद्दा अब सिर्फ चुनावी प्रक्रिया का मसला नहीं रह गया, बल्कि महागठबंधन के भीतर नेतृत्व और राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई का रूप भी ले चुका है।
