गाय पालकों को मिलेगा 40 रुपए प्रतिदिन अनुदान, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य 20%: मुख्यमंत्री

राज्य सरकार ने पशुपालकों के लिए एक बड़ा निर्णय लेते हुए घोषणा की है कि अब गाय पालने वाले हर व्यक्ति को प्रति गौमाता 40 रुपए प्रतिदिन अनुदान प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम पशुपालन को आर्थिक रूप से मजबूत करने, ग्रामीण आजीविका बढ़ाने और दुग्ध उत्पादन को नई ऊँचाई देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में डेयरी सेक्टर की संभावनाएँ काफी बड़ी हैं, लेकिन उत्पादन और संसाधनों में सुधार की आवश्यकता है। सरकार का लक्ष्य है कि आगामी वर्षों में राज्य का कुल दुग्ध उत्पादन 20 प्रतिशत तक बढ़ाया जाए, जिसके लिए पशुपालकों की आर्थिक मदद और तकनीकी सहयोग दोनों आवश्यक हैं। यही कारण है कि यह अनुदान योजना सीधे पशुपालकों को प्रोत्साहन देगी।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार कृषि और पशुपालन है। यदि ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ानी है, तो गाय पालन और डेयरी व्यवसाय को मजबूत करना जरूरी है। 40 रुपए प्रतिदिन का अनुदान न केवल पशुपालकों की लागत कम करेगा बल्कि उन्हें बेहतर चारा, पौष्टिक आहार और देखभाल पर अधिक खर्च करने में सक्षम बनाएगा। इससे गायों की उत्पादकता और दुग्ध गुणवत्ता दोनों में सुधार होने की सम्भावना है।
सरकार द्वारा जल्द ही इस योजना का विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया जाएगा, जिसमें पात्रता, पंजीकरण प्रक्रिया, अनुदान वितरण प्रणाली और पशुपालकों के लिए उपलब्ध अन्य सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से डेयरी उद्योग में निवेश बढ़ेगा, सहकारी समितियों को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही, राज्य में दूध की उपलब्धता बढ़ने से डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार और उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री ने पशुपालकों से अपील की कि वे योजनाओं का अधिकतम लाभ लें और सरकार द्वारा संचालित विभिन्न डेयरी प्रशिक्षण व पशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों में भी सक्रिय रूप से भाग लें।
