बिहार चुनाव 2025: राहुल गांधी की सुस्ती और सीट बंटवारे पर अड़ी कांग्रेस से महागठबंधन में बढ़ी टेंशन

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर तनातनी बढ़ती जा रही है। खासतौर पर कांग्रेस की ओर से सीटों की मांग ने गठबंधन में तनाव पैदा कर दिया है। पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी, जिन्होंने चुनावी शुरुआत में काफी सक्रियता दिखाई थी, अब ऐन मौके पर सुस्त नज़र आ रहे हैं — जिससे सहयोगी दलों में बेचैनी बढ़ी है।
कांग्रेस की 70 सीटों की जिद से फंसा समीकरण
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने महागठबंधन के भीतर 70 सीटों की मांग रखी है, जबकि मुख्य दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) इतनी बड़ी हिस्सेदारी देने को तैयार नहीं है। RJD का मानना है कि पिछली बार कांग्रेस को मिली सीटों पर उसका प्रदर्शन कमजोर रहा था, इसलिए इस बार सीटों की संख्या घटाई जानी चाहिए।
हालांकि कांग्रेस का तर्क है कि उसकी संगठनात्मक मौजूदगी पूरे बिहार में है, और उसे “राष्ट्रीय पार्टी” के रूप में उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। इसी खींचतान के कारण महागठबंधन की सीट बंटवारे की बातचीत अभी तक अंतिम चरण में नहीं पहुंच पाई है।
राहुल गांधी की धीमी सक्रियता पर उठ रहे सवाल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव की शुरुआत में बिहार को लेकर कई रैलियाँ और रणनीतिक बैठकें की थीं। उन्होंने युवा वोटरों और गरीब तबके को जोड़ने के लिए “न्याय यात्रा” जैसे कार्यक्रमों से उत्साह पैदा किया था।
लेकिन अब चुनाव प्रक्रिया के अंतिम दौर में राहुल गांधी की सक्रियता में गिरावट देखने को मिल रही है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी स्वीकार किया कि उम्मीदवार चयन और सीट फाइनल करने में हो रही देरी से जमीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हो रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राहुल गांधी का यह रुख महागठबंधन के चुनावी समन्वय को कमजोर कर सकता है।
महागठबंधन में असमंजस और बढ़ता दबाव
RJD पहले ही कई सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है, जबकि कांग्रेस ने अब तक अंतिम सूची जारी नहीं की है। इस देरी से गठबंधन में भ्रम की स्थिति बन गई है। JDU और NDA इसे एक “राजनीतिक अवसर” के रूप में देख रहे हैं और महागठबंधन की एकता पर सवाल उठा रहे हैं।
महागठबंधन के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, “कांग्रेस को तय करना होगा कि वह साझेदारी में रहकर मजबूती दिखाना चाहती है या सीटों के चक्कर में गठबंधन की रणनीति बिगाड़ना।”
RJD ने दिखाई सख्ती, कांग्रेस पर दबाव
RJD नेताओं ने यह स्पष्ट किया है कि पार्टी “वास्तविक ज़मीनी शक्ति” के आधार पर सीटें तय करेगी, न कि केवल नाम या परंपरा के आधार पर। सूत्रों का कहना है कि RJD कांग्रेस को 45 से 50 सीटों से ज़्यादा देने को तैयार नहीं है।
