बिहार में रावण दहन पर बारिश-वज्रपात का साया, सात अक्टूबर तक अलर्ट; मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की

दशहरा का पर्व पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। विजयादशमी के दिन रावण दहन कार्यक्रम का खास महत्व होता है। बिहार में भी इस दिन हजारों जगहों पर रावण दहन का आयोजन किया जाता है। लेकिन इस बार त्योहार के उल्लास पर मौसम का साया मंडरा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने कई जिलों में तेज हवा, बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है।
त्योहार का दिन और मौसम की चेतावनी
आज विजयादशमी है और बिहार के लगभग सभी जिलों में रावण दहन का कार्यक्रम होना तय है। शाम होते ही शहरों और कस्बों में मैदानों पर भीड़ जुटेगी और आतिशबाजी के बीच पुतला दहन किया जाएगा। लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। विभाग के अनुसार, कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने, मध्यम दर्जे की बारिश और वज्रपात की संभावना है।
इससे त्योहार के आयोजन पर असर पड़ सकता है। खुले मैदानों में होने वाले रावण दहन कार्यक्रम में बिजली गिरने या तेज हवा से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
किन जिलों में अलर्ट जारी?
मौसम विज्ञान केंद्र ने बिहार के जिन जिलों में अलर्ट जारी किया है, उनमें औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, पटना, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, सीतामढ़ी, शिवहर, समस्तीपुर, बेगूसराय और मधुबनी शामिल हैं।
इन जिलों में शाम से लेकर देर रात तक खराब मौसम की संभावना जताई गई है। यही नहीं, कुछ जगहों पर वज्रपात की घटनाएं भी हो सकती हैं।
लोगों को सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने स्पष्ट कहा है कि इस दौरान लोगों को पूरी सावधानी बरतनी होगी। विभाग ने आम लोगों को खुले मैदान और ऊंचे पेड़ के नीचे खड़े न होने, बिजली के खंभों और तारों से दूर रहने और किसानों को खेतों में जाने से बचने की सलाह दी है।
विभाग ने रावण दहन कार्यक्रम आयोजित करने वाली समितियों को भी सतर्क किया है। आयोजकों से कहा गया है कि वे बिजली और ध्वनि व्यवस्था की सुरक्षा जांच कर लें और बारिश या तेज हवा की स्थिति में कार्यक्रम को रोकने या टालने का निर्णय तुरंत लें।
सात अक्टूबर तक बारिश का अलर्ट
बिहार में यह खराब मौसम केवल विजयादशमी तक सीमित नहीं रहेगा। मौसम विभाग ने बताया कि 2 अक्टूबर को सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, वैशाली, शिवहर, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर और खगड़िया जिलों में बारिश की संभावना है।
इसके अलावा, 3 से 7 अक्टूबर तक पूरे बिहार में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान तेज हवा और गरज-चमक के साथ बारिश होती रहेगी।
त्योहार पर असर की आशंका
दशहरा के दौरान बड़े-बड़े पंडालों और मेलों में लाखों की भीड़ उमड़ती है। शाम को रावण दहन देखने लोग परिवार समेत मैदानों में पहुंचते हैं। ऐसे में बारिश से कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है। कई जिलों में पहले से ही आयोजन समितियों ने मौसम की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं।
पटना, गया और मुजफ्फरपुर जैसे बड़े शहरों में रावण दहन के लिए विशाल मैदानों पर पंडाल और अस्थायी मंच बनाए गए हैं।
आयोजकों का कहना है कि बारिश की स्थिति में सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने पुलिस बल और आपदा प्रबंधन की टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
बिजली गिरने का खतरा सबसे बड़ा
बिहार में हर साल मानसून और बरसात के मौसम में वज्रपात से बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है। अकेले जून से सितंबर के बीच राज्य में सैकड़ों लोग आकाशीय बिजली की चपेट में आकर जान गंवाते हैं। इस कारण सरकार ने पहले ही लोगों को जागरूक करने के लिए कई अभियान चलाए हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद यह साफ है कि विजयादशमी की शाम को लोगों को बेहद सावधानी बरतनी होगी। खुले मैदान, ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों से दूरी बनाना बेहद जरूरी है।
किसानों और ग्रामीण इलाकों के लिए विशेष हिदायत
ग्रामीण इलाकों में त्योहार के साथ-साथ खेती-किसानी का काम भी चलता रहता है। इस समय धान की फसल खेतों में खड़ी है। लेकिन मौसम विभाग ने किसानों को साफ तौर पर चेतावनी दी है कि वे वज्रपात की आशंका वाले समय खेतों में काम करने न जाएं। बारिश और बिजली से जान-माल का नुकसान हो सकता है।
