बिहार में सियासत की ‘ट्रेन’ हुई तेज — छठ पर्व पर स्पेशल ट्रेनों की देरी पर लालू-सम्राट आमने-सामने

छठ महापर्व के दौरान बिहार लौट रहे यात्रियों को ट्रेनों की देरी का सामना करना पड़ रहा है। कई पूजा स्पेशल ट्रेनें 12 से 36 घंटे तक विलंब से चल रही हैं, जिससे मुसाफिरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसी बीच, यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने केंद्र सरकार और रेलवे प्रशासन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि छठ जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर यात्रियों की सुविधा का ध्यान नहीं रखा गया। इसके जवाब में बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने पलटवार करते हुए कहा कि जब लालू प्रसाद खुद रेल मंत्री थे, तब उन्होंने केवल 178 विशेष ट्रेनें चलाई थीं, जबकि अब मोदी सरकार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आग्रह पर 12,075 स्पेशल ट्रेनें संचालित की हैं।
सम्राट चौधरी का पलटवार
पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सम्राट चौधरी ने कहा,
“लालू यादव जब रेल मंत्री थे, तब उन्होंने सिर्फ 178 ट्रेनें चलाईं। आज प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहारवासियों की सुविधा के लिए 12 हजार से ज्यादा विशेष ट्रेनें चल रही हैं। लालू यादव किस मुंह से आरोप लगा रहे हैं?”
उन्होंने आगे कहा कि लालू परिवार सिर्फ फोटो खिंचवाकर ‘नायक’ बनने की कोशिश कर रहा है, लेकिन जनता जानती है कि “बिहार की असली हालत किसने बिगाड़ी”। उन्होंने तीखे लहजे में कहा,
“बिहार की जनता लालू परिवार को ‘नालायक’ मानती है, और अगर किसी को ‘महानालायक’ कहा जाए तो वो लालू यादव हैं, जिन्होंने बिहार को 20 साल पीछे कर दिया।”
यात्रियों की बढ़ी परेशानी
दूसरी ओर, छठ पूजा के लिए अपने घरों को लौट रहे यात्रियों को स्पेशल ट्रेनों की भीषण देरी का सामना करना पड़ रहा है।
पटना, दानापुर, राजेन्द्र नगर, भागलपुर और मुजफ्फरपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे परेशानियां बढ़ गई हैं।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि ट्रैफिक लोड और तकनीकी कारणों से ट्रेनों में देरी हो रही है, लेकिन सभी ट्रेनों को जल्द से जल्द गंतव्य तक पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।
सियासत और सुविधा की जंग
छठ पर्व के दौरान यह मुद्दा अब सिर्फ यात्रियों की परेशानी का नहीं, बल्कि सियासी वार-पलटवार का भी बन गया है। जहां राजद सरकार पर आरोप लगा रही है कि प्रशासन पूरी तरह विफल है, वहीं एनडीए यह दिखाने में जुटा है कि मोदी-नीतीश सरकार ने यात्रियों के लिए पहले से कहीं बेहतर इंतज़ाम किए हैं।
