बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का प्रचार थमा, 11 नवंबर को 20 ज़िलों की 122 सीटों पर मतदान

बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। शनिवार शाम पांच बजे चुनाव प्रचार थम गया। अब 11 नवंबर को राज्य के 20 ज़िलों की 122 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी। शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के सख्त इंतज़ाम किए गए हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार, दूसरे चरण में 45,339 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से 4,109 बूथों को संवेदनशील और 4,003 को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है। इन इलाकों में सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ा दी गई है और कड़े प्रबंध किए गए हैं।
कई सीटों पर शाम 4 बजे तक मतदान
कटोरिया, बेलहर, चैनपुर, चेनारी, गोह, नवीनगर, कुटुंबा, औरंगाबाद, रफीगंज, गुरुआ, शेरघाटी, इमामगंज, बाराचट्टी (36 बूथ), बोधगया (200 बूथ), रजौली, गोविंदपुर, सिकंदरा, जमुई, झाझा और चकाई विधानसभा क्षेत्रों में शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी।
जबकि बोधगया के 106 बूथों पर शाम 5 बजे तक मतदान होगा। सुरक्षा बलों को सभी संवेदनशील बूथों पर तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मतदाताओं और उम्मीदवारों की संख्या
दूसरे चरण में कुल 1,302 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें—पुरुष उम्मीदवार: 1,165
महिला उम्मीदवार: 136
थर्ड जेंडर: 1
वहीं इस चरण में कुल 3 करोड़ 70 लाख मतदाता वोट देंगे। इनमें—
पुरुष मतदाता: 1 करोड़ 95 लाख
महिला मतदाता: 1 करोड़ 74 लाख
थर्ड जेंडर मतदाता: 943
दिव्यांग मतदाता: 4 लाख 4 हजार
सर्विस वोटर: 63,373
एनआरआई वोटर: 43
18–19 वर्ष मतदाता: 7,69,356
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि दूसरे चरण के लिए सुरक्षा व्यवस्था पहले चरण से भी अधिक सख्त है। कई जिले अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे हैं, जिनमें नेपाल सीमा के सात जिले शामिल हैं। सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
अंतरराज्यीय सीमाओं पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है और पड़ोसी राज्यों के डीजीपी से समन्वय किया गया है।
अभियान का अंत, अब वोटिंग की तैयारी
प्रचार के आखिरी दिन सभी दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। अब चुनावी मुहिम थम चुकी है और मतदान से पहले माहौल शांत है। अगले चरण के परिणाम राज्य की सियासत में अहम भूमिका निभाएंगे।
