मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सचिवालय में औचक निरीक्षण, कर्मचारियों को समयपालन और कार्यशैली सुधारने के सख्त निर्देश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार सुबह अचानक सचिवालय पहुंचे और कई विभागों के कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री का यह दौरा पूरी तरह अनौपचारिक था, जिसकी जानकारी न तो अधिकारियों को थी और न ही कर्मचारियों को। उनके पहुंचने से सचिवालय परिसर में हलचल तेज हो गई और विभिन्न दफ्तरों में तैनात कर्मियों की गतिविधियाँ तुरंत सक्रिय होती दिखाई दीं।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने विभागीय फाइलों की प्रगति, कर्मचारियों की उपस्थिति, समयपालन और कामकाज की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने पाया कि कुछ दफ्तरों में कार्य समय के बावजूद कर्मचारी समय पर नहीं पहुंचे थे। इस पर उन्होंने नाराज़गी जताते हुए कहा कि सरकारी दफ्तरों में समय पर पहुंचना सबसे पहली जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।
नीतीश कुमार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता से जुड़े कार्यों में देरी न की जाए। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ तभी तेजी से जनता तक पहुंच सकता है, जब कर्मचारी समयसीमा का पालन करते हुए दक्षता के साथ काम करें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि फाइलों के निस्तारण में हो रही देरी पर विभाग प्रमुख स्वयं जिम्मेदार होंगे।
मुख्यमंत्री ने सचिवालय की साफ-सफाई, व्यवस्था और विभागों के भीतर रखी जाने वाली फाइलों की स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों का वातावरण ऐसा होना चाहिए जिससे आम जनता और अधिकारियों-कर्मचारियों दोनों को बेहतर कार्य-सुविधा मिले। इस दौरान उन्होंने कुछ विभागों की व्यवस्थाओं की सराहना भी की, जहां कार्य समय से पहले पूरा किया गया था।
नीतीश कुमार ने संकेत दिया कि यह औचक निरीक्षण एक शुरुआत है और आने वाले दिनों में ऐसे दौरे और अधिक किए जाएंगे। उनका कहना था कि सरकार की प्राथमिकता शासन-प्रशासन को अधिक जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने विभागों की कार्यशैली में सुधार लाएँ और सुनिश्चित करें कि जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
इस अचानक निरीक्षण से सचिवालय के कर्मचारियों में सतर्कता बढ़ गई है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सरकारी कार्यालयों में समयपालन और कार्यक्षमता पर प्रभाव पड़ेगा।
