सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: गुमशुदगी की शिकायत पर तुरंत FIR जरूरी, लापरवाही पर अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

cort

सुप्रीम कोर्ट ने गुमशुदा व्यक्तियों से जुड़े मामलों को लेकर एक अहम निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिलने पर पुलिस को उसकी उम्र या लिंग के आधार पर अलग-अलग प्रक्रिया नहीं अपनानी चाहिए। गुमशुदगी की शिकायत मिलने पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज करना जरूरी है। इस व्यवस्था का पालन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को करना होगा।

अदालत ने कहा कि गुमशुदा व्यक्तियों के मामलों में पुलिस की ओर से शुरुआती जांच के नाम पर FIR दर्ज करने में देरी नहीं की जा सकती। यह निर्देश हर व्यक्ति पर समान रूप से लागू होगा। चाहे लापता व्यक्ति बच्चा हो, महिला हो, पुरुष हो या किसी अन्य आयु वर्ग से संबंधित हो, पुलिस को सूचना मिलने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत तुरंत कार्रवाई करनी होगी।

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने इस मामले में उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को गंभीरता से लिया है, जहां इस निर्देश का पालन नहीं किया गया है। अदालत ने ऐसे राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस प्रमुखों को व्यक्तिगत रूप से अदालत के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया है। उन्हें यह बताना होगा कि उनके खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जानी चाहिए।

इस मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी। अदालत के इस रुख से साफ है कि गुमशुदगी के मामलों में पुलिस की लापरवाही को अब हल्के में नहीं लिया जाएगा। किसी व्यक्ति के लापता होने के बाद शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि समय बीतने के साथ उसके सुरक्षित मिलने की संभावना और जांच की दिशा दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

सुप्रीम कोर्ट इससे पहले भी पुलिस को सभी गुमशुदा व्यक्तियों के मामलों में बिना किसी प्रारंभिक जांच के तत्काल FIR दर्ज करने का निर्देश दे चुका है। अदालत ने गुमशुदा बच्चों की तलाश और उनकी सुरक्षा को लेकर भी कई जरूरी उपाय लागू करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों का उद्देश्य गुमशुदगी की शिकायतों पर पुलिस की कार्रवाई को तेज और प्रभावी बनाना है।

अदालत के ताजा निर्देश के बाद राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस के लिए यह स्पष्ट संदेश है कि गुमशुदगी की शिकायत को सामान्य सूचना मानकर कार्रवाई में देरी नहीं की जा सकती। FIR दर्ज होने के बाद जांच की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होती है और पुलिस को लापता व्यक्ति की तलाश के लिए आवश्यक कदम उठाने होते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, गुमशुदगी के मामलों में शुरुआती घंटों में पुलिस की सक्रियता बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट का यह निर्देश परिवारों की शिकायतों को गंभीरता से लेने और लापता लोगों को जल्द खोजने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब अदालत यह भी देखेगी कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने निर्देशों का पालन नहीं किया, उनके अधिकारियों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *