अमित शाह ने लॉन्च की ‘भारत टैक्सी’, सहकारिता मॉडल से ड्राइवर बनेंगे मालिक
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को देश की पहली सहकारिता आधारित टैक्सी सेवा ‘भारत टैक्सी’ का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने इसे टैक्सी चालकों के जीवन में ऐतिहासिक बदलाव लाने वाली पहल बताया। अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी के माध्यम से ड्राइवर केवल सेवा प्रदाता नहीं रहेंगे, बल्कि मुनाफे में हिस्सेदार और कंपनी के वास्तविक मालिक भी बनेंगे। यह योजना सहकारिता के उस मूल भाव को आगे बढ़ाती है, जिसमें छोटे-छोटे संसाधनों को जोड़कर बड़े और स्थायी अवसर तैयार किए जाते हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि टैक्सी चालकों के लिए यह दिन बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि अब तक वे जिन प्लेटफॉर्म्स से जुड़े थे, वहां मेहनत तो उनकी होती थी, लेकिन मुनाफा किसी और को जाता था। भारत टैक्सी के साथ यह व्यवस्था बदलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता मॉडल के तहत टैक्सी चलाने वाले सारथी भाई और बहनें ही इस कंपनी के शेयरधारक होंगे और वही इसके असली मालिक भी होंगे। उनका कहना था कि अब टैक्सी का पहिया किसी और की कमाई नहीं बढ़ाएगा, बल्कि सीधे ड्राइवर के भविष्य को मजबूत करेगा।
अमित शाह ने बताया कि भारत टैक्सी से होने वाले मुनाफे का बड़ा हिस्सा सीधे ड्राइवरों को मिलेगा। इस मॉडल के तहत हर 100 रुपये की कमाई में से 80 रुपये सीधे ड्राइवर के खाते में जाएंगे, जबकि केवल 20 रुपये कंपनी के संचालन और तकनीकी जरूरतों के लिए रखे जाएंगे। सबसे अहम बात यह है कि ग्राहक द्वारा किया गया भुगतान उसी समय ड्राइवर के खाते में ट्रांसफर हो जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना किसी सुनवाई या कारण बताए ड्राइवर का अकाउंट बंद करने जैसी मनमानी व्यवस्था यहां नहीं होगी।
गृह मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी टैक्सी सेक्टर में सरकार के हस्तक्षेप का नहीं, बल्कि सहकारिता के प्रवेश का उदाहरण है। यह प्लेटफॉर्म ड्राइवरों को आर्थिक सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा भी प्रदान करेगा। योजना के तहत ड्राइवरों को बीमा, पेंशन और भविष्य की सुरक्षा से जुड़े अन्य लाभ भी मिलेंगे, ताकि वे सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जी सकें।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी इस पहल में विशेष प्रावधान किए गए हैं। अमित शाह ने ‘सारथी दीदी’ योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि महिला यात्रियों के लिए अलग व्यवस्था होगी, जहां उन्हें महिला ड्राइवर ही सेवा प्रदान करेंगी। इससे न केवल महिलाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा और भरोसा भी बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि आने वाले तीन वर्षों में भारत टैक्सी का विस्तार पूरे देश में किया जाएगा। कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक यह सेवा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। अमित शाह ने विश्वास जताया कि यह पहल टैक्सी चालकों की आमदनी बढ़ाने, शोषण खत्म करने और सहकारिता के माध्यम से समृद्धि लाने का मजबूत माध्यम बनेगी। भारत टैक्सी को उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक अहम कदम बताया।
