एशियन गेम्स 2026 में भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराया, आखिरी मिनट के गोल से फाइनल में पहुंची भारतीय हॉकी टीम

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एशियन गेम्स 2026 के पुरुष हॉकी स्पर्धा में एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच हाई-वोल्टेज और सांसें रोक देने वाला मुकाबला देखने को मिला। सेमीफाइनल के इस महामुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने पाकिस्तान को 4-3 के अंतर से शिकस्त देकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। इसके साथ ही मौजूदा चैंपियन भारत ने इस टूर्नामेंट में देश के लिए एक और पदक सुनिश्चित कर दिया है। मैच में अधिकांश समय भारत का पलड़ा भारी रहा, लेकिन अंतिम क्षणों तक चले इस संघर्ष ने मैदान पर मौजूद दर्शकों की धड़कनें बढ़ा दी थीं।

शुरुआती क्वार्टर में भारतीय टीम का आक्रामक रुख

मैच की शुरुआत से ही भारतीय टीम ने आक्रामक तेवर अपनाए और पाकिस्तान के रक्षापंक्ति पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। खेल के पांचवें मिनट में ही भारत को लगातार पेनल्टी कॉर्नर हासिल हुए। इस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पाकिस्तानी गोलकीपर मुनीब-उर-रहमान रजा को चकमा देते हुए उनके पैरों के बीच से गेंद को गोलपोस्ट में डाल दिया और भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस शुरुआती सफलता ने भारतीय खिलाड़ियों के मनोबल को काफी ऊंचा कर दिया।

हरमनप्रीत सिंह के दोहरे प्रहार से दोगुनी हुई बढ़त

पहला गोल करने के बाद भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी आक्रामक रणनीति जारी रखी। मैच के 13वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने एक बार फिर अपनी ड्रैग-फ्लिक की महारत दिखाई और एक जोरदार शॉट के साथ गेंद को गोल जाल में समा दिया। इस दूसरे गोल के साथ ही भारत ने मैच में 2-0 की मजबूत बढ़त बना ली। शुरुआती क्वार्टर में पाकिस्तानी टीम भारतीय चालों और रणनीति का मुकाबला करने में पूरी तरह बेबस नजर आ रही थी।

सुखजीत सिंह का गोल और भारत की 3-0 की विशाल बढ़त

दूसरे क्वार्टर में भी खेल का नियंत्रण भारतीय टीम के हाथों में ही रहा। मैच के 23वें मिनट में भारत ने एक शानदार मैदानी गोल दागा। इस पूरे मूव की शुरुआत मनप्रीत सिंह ने विपक्षी खिलाड़ी से गेंद छीनकर की। इसके बाद शिलानंद लाकड़ा ने बाईं ओर से तेजी से आगे बढ़ते हुए गोलपोस्ट के ठीक सामने एक बेहतरीन पास दिया, जिसे सुखजीत सिंह ने बिना कोई गलती किए गोल में बदल दिया। इस गोल के साथ ही भारतीय टीम 3-0 से आगे हो गई और ऐसा लग रहा था कि जीत बेहद आसान होने वाली है।

हाफ टाइम से ठीक पहले पाकिस्तान का पहला गोल

तीन गोल से पिछड़ने के बाद पाकिस्तान की टीम ने भी वापसी के प्रयास तेज कर दिए। हाफ-टाइम की सीटी बजने से ठीक पहले यानी 30वें मिनट में पाकिस्तान को एक पेनल्टी कॉर्नर मिला। पाकिस्तानी खिलाड़ी अबू महमूद ने बिना कोई चूक किए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया और स्कोर 3-1 कर दिया। इस गोल ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों में नई उम्मीद जगा दी और हाफ-टाइम के बाद खेल का पूरा रुख बदलता हुआ दिखाई दिया।

पाकिस्तानी टीम का पलटवार और स्कोर की बराबरी

हाफ-टाइम के बाद पाकिस्तानी टीम बिल्कुल अलग ऊर्जा के साथ मैदान पर उतरी। मैच के 45वें मिनट में हनान शाहिद ने पाकिस्तान के लिए दूसरा गोल दागकर मुकाबले को और रोमांचक बना दिया। अब स्कोर 3-2 हो चुका था। अंतिम क्वार्टर शुरू होने के महज तीन मिनट बाद यानी 48वें मिनट में पाकिस्तानी फारवर्ड राणा वहीद ने दाईं ओर से आए पास को गोल में तब्दील कर दिया। इसके साथ ही स्कोर 3-3 से बराबर हो गया और तीन गोल की बढ़त हासिल करने वाली भारतीय टीम पर अब पेनल्टी शूटआउट का खतरा मंडराने लगा था।

अभिषेक का आखिरी मिनट में निर्णायक गोल

जब मैच टाई-ब्रेकर की ओर बढ़ता दिख रहा था, तभी अंतिम मिनट में भारतीय फारवर्ड अभिषेक ने कमाल कर दिखाया। मैच खत्म होने में जब कुछ ही सेकंड बचे थे, तब अभिषेक ने पाकिस्तानी रक्षापंक्ति को चकमा देते हुए भारत के लिए चौथा और निर्णायक गोल दाग दिया। इस अप्रत्याशित गोल ने पूरे स्टेडियम को जश्न में डुबो दिया। अभिषेक के इस गोल ने न केवल पाकिस्तान की उम्मीदों पर पानी फेरा, बल्कि भारत को 4-3 की ऐतिहासिक जीत दिलाकर सीधे एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंचा दिया।

स्वर्ण पदक के महामुकाबले की तैयारी

पाकिस्तान पर इस रोमांचक जीत के बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है। अब फाइनल मुकाबले में भारत का सामना दक्षिण कोरिया और मलेशिया के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल मैच के विजेता से होगा। भारतीय टीम का लक्ष्य अपने खिताब का बचाव करते हुए एक बार फिर देश के लिए गोल्ड मेडल हासिल करना होगा। फैंस को उम्मीद है कि टीम फाइनल में भी इसी तरह का शानदार प्रदर्शन जारी रखेगी।

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