एशियन गेम्स 2026 में सिर्फ 2 सेमी से गोल्ड से चूकीं एंसी सोजन, सिल्वर मेडल जीतकर कही दिल छू लेने वाली बात

एशियन गेम्स 2026 की ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं में भारतीय एथलीटों का प्रदर्शन बेहद सराहनीय रहा है। इन्हीं में से एक नाम भारत की शीर्ष लॉन्ग जंपर एंसी सोजन का है, जिन्होंने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर एक बार फिर देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। नागोया में आयोजित खेलों के दौरान एंसी ने सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया। हालांकि, उनके और गोल्ड मेडल के बीच का फासला बेहद मामूली रहा। महज दो सेंटीमीटर के अंतर की वजह से वह अपने करियर का पहला एशियन गेम्स गोल्ड जीतने से चूक गईं, लेकिन उनके इस जुझारू प्रदर्शन ने लाखों खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया है।
नागोया स्टेडियम में बारिश और फिसलन भरी चुनौती
नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में प्रतियोगिता की शाम बारिश से भरी हुई थी। मौसम की खराबी और गीले ट्रैक के बावजूद एंसी ने शुरुआत से ही अपनी बढ़त बनाए रखी थी। शुरुआती दौर में ऐसा लग रहा था कि वह आसानी से पहला स्थान हासिल कर लेंगी। हालांकि, जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ा, परिस्थितियां कठिन होती गईं। लगातार तीन प्रयासों के बाद थकान और फिसलन भरे ट्रैक के कारण अंतिम तीन जंप में उनका शरीर पूरी तरह साथ नहीं दे सका, जो आखिरकार मुकाबले में निर्णायक साबित हुआ।
किस्मत और मेहनत के बीच का संघर्ष
मुकाबले के बाद अपने अनुभव साझा करते हुए एंसी ने बताया कि वह शुरुआत में आगे चल रही थीं और लगातार बेहतर प्रदर्शन की कोशिश में जुटी थीं। उन्होंने बताया कि उनकी नजर 6.60 मीटर से अधिक की दूरी तय करने पर थी, लेकिन परिस्थितियां अनुकूल न होने की वजह से ऐसा नहीं हो पाया। उन्होंने माना कि यह पूरा सीजन उनके लिए कठिन और लंबा रहा है। यह सिल्वर मेडल उनकी साल भर की कड़ी मेहनत का परिणाम है। यद्यपि वह सोने का तमगा नहीं जीत सकीं, फिर भी उन्होंने परिस्थितियों का डटकर मुकाबला किया।
एंसी सोजन के लिए उपलब्धियों भरा साल
वर्ष 2026 केरल के त्रिशूर की रहने वाली 25 वर्षीया एंसी सोजन के लिए बेहद यादगार साबित हुआ है। उन्होंने इस साल की शुरुआत एशियाई इनडोर चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर की थी और अब एशियन गेम्स में अपने करियर का दूसरा सिल्वर मेडल हासिल कर इस सत्र का शानदार अंत किया है। इस पूरे साल में उन्होंने अपनी तकनीक और फिटनेस पर काफी काम किया, जिसका असर मैदान पर उनके निरंतर बेहतर होते प्रदर्शन में साफ तौर पर दिखाई दिया।
अंजू बॉबी जॉर्ज का 22 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा
एंसी के इस सत्र की सबसे बड़ी उपलब्धि भुवनेश्वर में आयोजित नेशनल इंटर-स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान आई। वहां उन्होंने 6.88 मीटर की ऐतिहासिक छलांग लगाकर भारत की दिग्गज एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज के 6.83 मीटर के 22 साल पुराने नेशनल रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया था। इस शानदार प्रदर्शन के बाद से ही एंसी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक की उम्मीदें काफी बढ़ गई थीं।
दिग्गज एथलीट से मिली प्रेरणादायक सलाह
नागोया में जब एंसी अपनी प्रतिद्वंद्वियों से मुकाबला कर रही थीं, उस समय विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता अंजू बॉबी जॉर्ज खुद ट्रैक के पास मौजूद थीं। उन्होंने एंसी का हौसला बढ़ाया और लैंडिंग तकनीक को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। एंसी के अनुसार, इतने बड़े दिग्गज खिलाड़ी से मैदान पर व्यक्तिगत मार्गदर्शन मिलना उनके आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ाने वाला साबित हुआ।
भारतीय नौसेना से मिला जुझारूपन और कभी न हार मानने का जज्बा
भारतीय नौसेना की सदस्य होने के नाते एंसी के भीतर हार न मानने का जज्बा कूट-कूट कर भरा है। खराब मौसम और मानसिक दबाव के बावजूद उन्होंने मैदान पर हार नहीं मानी। चीनी खिलाड़ियों की कड़ी चुनौती को देखते हुए वह मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार थीं। भले ही आखिरी चरणों में शारीरिक थकान हावी हो गई, लेकिन उन्होंने अंतिम सांस तक संघर्ष करने की अपनी आदत को बनाए रखा।
आगामी ओलंपिक और भविष्य के लक्ष्य
वर्ष 2021 से टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम का हिस्सा रहीं एंसी सोजन अब अपने अगले बड़े लक्ष्यों की ओर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। 2023 हांग्जो एशियन गेम्स में पहली बार सुर्खियां बटोरने वाली यह खिलाड़ी अब अपनी तकनीकों को और तराशने में जुटी है। एशियन गेम्स में मिली इस सीख और मेडल के साथ एंसी का अगला लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के लिए गोल्ड मेडल हासिल करना है।
