मन की बात के 12 साल पूरे, पीएम मोदी ने जैविक खेती, स्वदेशी उत्पादों और नई तकनीक की उपलब्धियों पर की चर्चा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ ने 12 साल पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इस सफर को तीर्थयात्रा जैसा बताया। उन्होंने कहा कि विजयादशमी के पावन अवसर पर शुरू हुआ यह कार्यक्रम लगातार आगे बढ़ता रहा है। इस यात्रा में देश के श्रोता केवल सुनने वाले नहीं, बल्कि सहयात्री और मार्गदर्शक भी बने हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के सामान्य नागरिकों के परिश्रम, समर्पण, साहस और सेवाभाव को सामने लाने का अवसर मिला है। कार्यक्रम के जरिए ऐसे लोगों की कहानियां देश तक पहुंचती हैं, जो समाज और राष्ट्र के लिए अपने स्तर पर महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज की सेवा करने वाले लोग अपने आप में तीर्थ के समान हैं।

मन की बात को बताया देश की लोकशक्ति का उत्सव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘मन की बात’ की यात्रा देश के लोगों के प्रयासों को करीब से जानने और उनके योगदान को सम्मान देने की यात्रा रही है। इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें अलग-अलग परिवारों और समुदायों से जुड़ने का अवसर मिलता है। श्रोताओं का स्नेह और आत्मीयता उनके लिए अमूल्य पूंजी है।

उन्होंने इस कार्यक्रम को देश की लोकशक्ति के प्रति सम्मान व्यक्त करने का माध्यम बताया। विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों की प्रेरक कहानियां यह दिखाती हैं कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े सामाजिक बदलाव का आधार बन सकते हैं।

पंजाब में जैविक कपास और पारंपरिक बुनकरी को बढ़ावा

प्रधानमंत्री ने पंजाब की एक पहल का उल्लेख करते हुए बताया कि खेती विरासत मिशन नामक संस्था पारंपरिक कृषि पद्धतियों और जैविक खेती को प्रोत्साहित कर रही है। इस पहल के तहत ‘नव त्रिंजन’ के माध्यम से बिना रसायनों के जैविक कपास उगाने और उससे धागा तथा कपड़ा तैयार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश 4 नवंबर को भाई परमानंद की 150वीं जयंती मनाएगा। उन्होंने बताया कि आर्य समाज से भाई परमानंद का जुड़ाव उनके लिए प्रेरणा और आदर्श का एक बड़ा स्रोत रहा है। बीसवीं सदी के शुरु में, भाई परमानंद आर्य समाज के कार्यों के लिए दक्षिण अफ्रीका गए थे। उन्होंने गयाना में गिरमिटिया समुदाय के बीच भी काम किया। उस समय गुयाना आर्य समाज का एक प्रमुख केंद्र था। श्री मोदी ने कहा कि भाई परमानंद गदर पार्टी के संस्थापक सदस्य थे। स्वतंत्रता संग्राम में सक्रियता के कारण अंग्रेज़ों ने उन्हें काला पानी की सजा सुनाई थी।

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