दिल्ली-पुणे इंडिगो फ्लाइट में यात्री ने खोला इमरजेंसी गेट का कवर, विमान में बजा अलार्म, केस दर्ज

हवाई यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है और इसके लिए विमानों में कई तरह के आधुनिक सुरक्षा इंतजाम किए जाते हैं। लेकिन कभी-कभी यात्रियों की छोटी सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। ऐसा ही एक मामला दिल्ली से पुणे जा रही इंडिगो की फ्लाइट में सामने आया है। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एक यात्री ने कथित तौर पर विमान के इमरजेंसी एग्जिट दरवाजे के लीवर का कवर खोलने की कोशिश की। इस हरकत के बाद विमान में लगा सुरक्षा अलार्म सक्रिय हो गया और चालक दल के सदस्य तुरंत सतर्क हो गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुणे पहुंचने के बाद एयरलाइन के क्रू मेंबर ने संबंधित यात्री के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी की पहचान 33 वर्षीय गौरव सत्येंद्र रौतेला के रूप में हुई है, जो पुणे जिले के सासवड का रहने वाला है।
उड़ान के दौरान इमरजेंसी एग्जिट से छेड़छाड़ की कोशिश
जानकारी के अनुसार, यह घटना इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E6884 में हुई, जो दिल्ली से पुणे के लिए रवाना हुई थी। विमान में यात्रा कर रहा गौरव रौतेला इमरजेंसी एग्जिट के पास वाली सीट नंबर 19D पर बैठा था।
बताया गया है कि विमान के उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद यात्री ने इमरजेंसी दरवाजे के लीवर पर लगे सुरक्षा कवर को खोलने का प्रयास किया। जैसे ही उसने इस कवर को छुआ, विमान के भीतर लगा अलार्म बजने लगा। अचानक अलार्म की आवाज सुनकर केबिन क्रू सतर्क हो गया और स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी।
विमान में इमरजेंसी एग्जिट का इस्तेमाल केवल विशेष आपात परिस्थितियों में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए किया जाता है। इसलिए उड़ान के दौरान इसके मैकेनिज्म के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ को गंभीर सुरक्षा उल्लंघन माना जाता है।
आरोपी ने पूछताछ में बताई यह वजह
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में गौरव रौतेला ने कथित तौर पर बताया कि उसने केवल उत्सुकतावश लीवर के कवर को खोलने की कोशिश की थी। उसका दावा था कि उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि यह कवर विमान के इमरजेंसी दरवाजे के सिस्टम से जुड़ा हुआ है।
हालांकि, यात्री की इस सफाई के बावजूद पुलिस मामले को गंभीरता से ले रही है। विमान में मौजूद सुरक्षा उपकरणों के साथ छेड़छाड़ करना दूसरे यात्रियों और चालक दल की जान को खतरे में डाल सकता है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, विमान में लगाया गया अलार्म सिस्टम इसी तरह की गतिविधियों का पता लगाने और क्रू को तुरंत सतर्क करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इस मामले में यह सुरक्षा व्यवस्था समय रहते सक्रिय हो गई, जिससे चालक दल को स्थिति की जानकारी मिल सकी।
रात 12:45 बजे हुई घटना, दो बजे पुणे पहुंचा विमान
पुलिस के अनुसार, यह घटना सोमवार और मंगलवार की मध्यरात्रि करीब 12:45 बजे हुई थी। उस समय विमान दिल्ली से उड़ान भर चुका था और पुणे की ओर जा रहा था।
फ्लाइट रात करीब दो बजे पुणे एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरी। लैंडिंग के बाद इंडिगो के क्रू मेंबर ओंकार विनोद कुलकर्णी ने यात्री के खिलाफ एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यात्री ने वास्तव में किस तरह लीवर के कवर के साथ छेड़छाड़ की और इस दौरान विमान की सुरक्षा व्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
पुलिस ने आरोपी गौरव रौतेला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 और एयरक्राफ्ट एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया है।
इसके अलावा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत उसे नोटिस भी जारी किया गया है। इस नोटिस के जरिए उसे जांच में शामिल होने और पुलिस के सामने आवश्यक जानकारी देने के लिए कहा गया है।
भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 लापरवाही से ऐसा कृत्य करने से संबंधित है, जिससे मानव जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। वहीं एयरक्राफ्ट एक्ट के तहत विमान की सुरक्षा और उससे जुड़े नियमों के उल्लंघन से संबंधित प्रावधान लागू किए जा सकते हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
विमान के इमरजेंसी गेट से छेड़छाड़ क्यों है खतरनाक?
हवाई जहाज में इमरजेंसी एग्जिट दरवाजे यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इनका निर्माण इस तरह किया जाता है कि किसी आपात स्थिति में इन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत खोला जा सके।
लेकिन उड़ान के दौरान इन दरवाजों या उनके मैकेनिज्म के साथ छेड़छाड़ करना खतरनाक हो सकता है। इससे विमान के सुरक्षा सिस्टम में अनावश्यक अलर्ट पैदा हो सकता है और क्रू को आपात स्थिति जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
इसके अलावा, यदि कोई यात्री बिना अनुमति इमरजेंसी एग्जिट को खोलने का प्रयास करता है, तो इससे विमान में बैठे अन्य यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि विमान कंपनियां ऐसे मामलों को गंभीरता से लेती हैं।
2024 में भी सामने आ चुकी है ऐसी घटना
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2024 में भी इसी तरह की एक घटना सामने आई थी। उस मामले में भी विमान के इमरजेंसी एग्जिट से छेड़छाड़ की कोशिश के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया था।
ताजा घटना ने एक बार फिर विमान में यात्रियों के व्यवहार और सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हवाई यात्रा के दौरान यात्रियों को क्रू मेंबर्स के निर्देशों का पालन करना और सुरक्षा उपकरणों से अनावश्यक छेड़छाड़ से बचना बेहद जरूरी है।
फिलहाल दिल्ली से पुणे जा रही इंडिगो की फ्लाइट में हुई इस घटना की पुलिस जांच जारी है। आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इस मामले में जांच के नतीजों के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यात्री की कथित हरकत किस स्तर तक विमान की सुरक्षा के लिए खतरा बनी थी।
