शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन तूफानी तेजी, सेंसेक्स 1,225 अंक उछला, निफ्टी 23,810 के पार; निवेशकों में लौटा उत्साह

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भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। घरेलू शेयर बाजार ने लगातार चौथे कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज करते हुए निवेशकों को बड़ी राहत दी। कारोबार के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक शानदार तेजी के साथ बंद हुए। बाजार में खरीदारी का माहौल इतना मजबूत रहा कि एफएमसीजी, रियल्टी, बैंकिंग और ऑटो समेत कई प्रमुख सेक्टरों के शेयरों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। खास बात यह रही कि बाजार की तेजी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली।

सेंसेक्स में 1,225 अंकों की जोरदार छलांग

मंगलवार के कारोबारी सत्र में बीएसई सेंसेक्स ने शानदार प्रदर्शन किया। दिनभर की खरीदारी के बाद सेंसेक्स 1,225.07 अंक यानी 1.62 प्रतिशत की तेजी के साथ 76,917.85 के स्तर पर बंद हुआ। लगातार चौथे दिन बाजार में आई इस मजबूती ने निवेशकों के भरोसे को बढ़ाने का काम किया।

वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी तेजी के मामले में पीछे नहीं रहा। निफ्टी 370.05 अंक यानी 1.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,810.85 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार के प्रमुख सूचकांकों में आई इस तेजी से साफ संकेत मिला कि निवेशक एक बार फिर भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी को लेकर उत्साहित नजर आ रहे हैं।

एफएमसीजी और रियल्टी शेयरों ने संभाली बाजार की कमान

मंगलवार को बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह एफएमसीजी, रियल्टी और खपत से जुड़े शेयरों में मजबूत खरीदारी रही। इन सेक्टरों के शेयरों ने बाजार को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई।

सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी एफएमसीजी सबसे आगे रहा और इसमें 3.65 प्रतिशत की शानदार बढ़त दर्ज की गई। इसके बाद निफ्टी रियल्टी में 2.33 प्रतिशत और निफ्टी कंजप्शन में 2.29 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। इन तीनों सेक्टरों में निवेशकों की दिलचस्पी ने बाजार के सकारात्मक रुख को और मजबूत किया।

एफएमसीजी कंपनियों में तेजी को घरेलू खपत और दूसरी तिमाही के बेहतर कारोबारी प्रदर्शन से जुड़े सकारात्मक नजरिए के रूप में देखा जा सकता है। वहीं रियल्टी शेयरों में खरीदारी से रियल एस्टेट सेक्टर को लेकर निवेशकों का भरोसा भी दिखाई दिया।

बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में भी जमकर खरीदारी

मंगलवार के कारोबार में बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जुड़े शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 1.98 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 1.84 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।

ऑटो सेक्टर के शेयरों में भी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई। निफ्टी ऑटो इंडेक्स 1.71 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ। इसके अलावा निफ्टी सर्विसेज और निफ्टी इंडिया डिफेंस में 1.33-1.33 प्रतिशत की बढ़त रही।

इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा से जुड़े कुछ सेक्टरों में भी मजबूती देखने को मिली। निफ्टी इन्फ्रा 1.10 प्रतिशत और निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.84 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुए। इससे पता चलता है कि बाजार में खरीदारी का दायरा कई प्रमुख उद्योगों तक फैला हुआ था।

इन तीन सेक्टरों में रही गिरावट

जहां ज्यादातर सेक्टरों में तेजी का माहौल रहा, वहीं कुछ इंडेक्स दबाव में भी दिखाई दिए। मंगलवार को निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में सबसे ज्यादा 1.27 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

इसके अलावा निफ्टी मेटल 0.14 प्रतिशत और निफ्टी एनर्जी 0.11 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि इन सेक्टरों की कमजोरी का असर व्यापक बाजार की तेजी पर ज्यादा नहीं पड़ा।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी लौटी रौनक

मंगलवार को बाजार की तेजी का फायदा केवल लार्जकैप कंपनियों तक सीमित नहीं रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 612.85 अंक यानी 1.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 58,596.25 पर बंद हुआ।

वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 57.55 अंक यानी 0.31 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 18,652.85 के स्तर पर पहुंच गया।

मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में आई मजबूती बाजार में व्यापक खरीदारी का संकेत देती है। आमतौर पर जब बड़ी कंपनियों के साथ छोटी और मध्यम आकार की कंपनियों के शेयर भी बढ़ते हैं, तो बाजार में निवेशकों की भागीदारी मजबूत मानी जाती है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार को मिला सहारा

भारतीय शेयर बाजार में लगातार जारी तेजी के पीछे वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में आया सुधार भी एक महत्वपूर्ण कारण रहा। कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट से भारतीय अर्थव्यवस्था और कंपनियों के लिए सकारात्मक माहौल बनने में मदद मिली है।

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटने से देश के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की परिचालन लागत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।

इसके साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में कमी आने से वैश्विक वित्तीय बाजारों पर दबाव कम हुआ है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट का असर उभरते बाजारों में निवेश की धारणा पर भी पड़ सकता है।

विदेशी निवेशकों की वापसी से बढ़ी बाजार में नकदी

भारतीय शेयर बाजार की तेजी में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई की दोबारा बढ़ती दिलचस्पी ने भी अहम भूमिका निभाई है। लंबे समय तक बिकवाली करने के बाद विदेशी निवेशकों की वापसी से बाजार में नकदी का प्रवाह बेहतर हुआ है।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी से खासकर बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और घरेलू खपत से जुड़े शेयरों को समर्थन मिला है। इससे बाजार में खरीदारी का दायरा बढ़ा और प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली।

दूसरी तिमाही के नतीजों ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा

कंपनियों के दूसरी तिमाही के मजबूत नतीजे भी बाजार की तेजी के प्रमुख कारणों में शामिल रहे। बेहतर कारोबारी प्रदर्शन से निवेशकों को घरेलू अर्थव्यवस्था की विकास संभावनाओं पर भरोसा मिला है।

कंपनियों की आय और कारोबार में मजबूती के संकेत मिलने से निवेशक चुनिंदा शेयरों में फिर से निवेश करने के लिए प्रोत्साहित हुए हैं। खासकर उपभोग आधारित और वित्तीय सेक्टरों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद ने बाजार को अतिरिक्त सहारा दिया है।

आगे बाजार की चाल किन बातों पर निर्भर करेगी?

लगातार चार कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के वित्तीय नतीजों पर रहेगी। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख भी भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकता है।

कुल मिलाकर मंगलवार का कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए शानदार रहा। सेंसेक्स और निफ्टी की मजबूत बढ़त के साथ मिडकैप, स्मॉलकैप और कई प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी ने बाजार की तेजी को व्यापक बनाया। हालांकि निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे केवल बाजार की तेजी देखकर जल्दबाजी में फैसले न लें और निवेश से पहले कंपनियों के प्रदर्शन तथा जोखिम का आकलन जरूर करें।

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