काजल धोचक का स्वर्णिम जलवा, यू20 विश्व चैंपियनशिप में 76 किग्रा वर्ग में जीता गोल्ड

भारतीय महिला पहलवान काजल धोचक ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर भारत का परचम लहराते हुए इतिहास रच दिया है। उन्होंने 2026 यू20 कुश्ती विश्व चैंपियनशिप में महिलाओं के 76 किग्रा वर्ग का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। काजल के इस स्वर्णिम प्रदर्शन के साथ ही भारत ने दिन का अंत एक स्वर्ण और दो रजत पदकों के साथ किया। अठारह वर्षीय काजल ने फाइनल मुकाबले में अपने आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए चीन की जिंगरू सन को 7-0 के एकतरफा अंतर से करारी शिकस्त दी और लगातार दूसरी बार इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप का खिताब जीता।
काजल का यह प्रदर्शन उनकी निरंतरता और बेहतरीन फॉर्म को दर्शाता है। इससे पहले उन्होंने 2024 में यू17 विश्व चैंपियनशिप के 69 किग्रा वर्ग और 2025 में यू20 विश्व चैंपियनशिप के 72 किग्रा वर्ग में भी स्वर्ण पदक जीता था। इस वर्ष उन्होंने अपने भार वर्ग को बढ़ाते हुए 72 किग्रा से 76 किग्रा वर्ग में उतरने का फैसला किया और नए वर्ग में भी दुनिया की सबसे मजबूत पहलवान साबित हुईं। इस ऐतिहासिक सफलता के साथ वह यू20 स्तर पर दो बार विश्व चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की दूसरी महिला पहलवान बन गई हैं।
पूरे टूर्नामेंट के दौरान काजल का दबदबा ऐसा रहा कि विरोधी पहलवान उनके खिलाफ एक भी अंक हासिल नहीं कर सके। फाइनल मुकाबले में शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाते हुए उन्होंने पहले स्टेप-आउट से बढ़त हासिल की और फिर डबल-लेग टेकडाउन से स्कोर को मजबूत किया। दूसरे पीरियड में भी उन्होंने विरोधी पर दबाव बनाए रखा और टेकडाउन तथा रणनीतिक खेल के जरिए 7-0 से मुकाबला पूरी तरह अपने पक्ष में कर लिया। इससे पहले उन्होंने जापान की मियू ताकायामा को पिन करके टूर्नामेंट की शुरुआत की थी और फिर तुर्किये तथा अमेरिका की शीर्ष पहलवानों को एकतरफा मुकाबलों में परास्त किया।
वर्ष 2026 में काजल का यह लगातार पांचवां स्वर्ण पदक है, जिससे उनकी विश्व स्तरीय प्रतिभा का लोहा माना जा रहा है। वह इससे पहले यू23 एशियाई चैंपियनशिप, उलानबटार रैंकिंग सीरीज, यू20 एशियाई चैंपियनशिप और बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज में भी पहला स्थान हासिल कर चुकी हैं। काजल के अलावा भारत की तानु शर्मा ने 72 किग्रा वर्ग में और सविता ने 62 किग्रा वर्ग में अपनी-अपनी श्रेणियों के फाइनल में पहुंचकर देश के लिए रजत पदक पक्के किए। भारतीय पहलवानों के इस शानदार प्रदर्शन से टूर्नामेंट के अंतिम चरण में भी देश की पदक उम्मीदें काफी मजबूत बनी हुई हैं।
