तेजस्वी यादव का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला, बोले- गलत आर्थिक नीतियों ने देश की अर्थव्यवस्था को किया कमजोर

बिहार की राजनीति में एक बार फिर महंगाई और देश की आर्थिक स्थिति को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के पास बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस योजना नहीं है और देश की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव से परेशान है, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर गंभीरता से काम करती नजर नहीं आ रही।
तेजस्वी यादव ने कहा कि पिछले कई वर्षों में देश की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने दावा किया कि गलत आर्थिक फैसलों और नीतियों की वजह से आम लोगों की जिंदगी पर सीधा असर पड़ा है। रोजमर्रा की जरूरत की चीजों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। उनका कहना था कि आज देश में महंगाई और बेरोजगारी दोनों अपने उच्च स्तर पर हैं और युवाओं के सामने रोजगार का संकट गहराता जा रहा है।
पूर्व डिप्टी सीएम ने रुपये की गिरती कीमत को भी बड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय मुद्रा लगातार कमजोर हो रही है और इसका असर देश की आर्थिक मजबूती पर साफ दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार रुपये की कमजोरी का सीधा असर आयात, पेट्रोल-डीजल की कीमतों और बाजार की महंगाई पर पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक मोर्चे पर सरकार की नीतियां अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रही हैं, जिसके कारण लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में पुराने राजनीतिक बयानों का जिक्र करते हुए वर्तमान आर्थिक हालात की तुलना पहले की स्थितियों से की। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष में रहते हुए सरकार की आलोचना की जाती थी, तब रुपये की गिरावट और महंगाई को बड़ा मुद्दा बताया जाता था, लेकिन आज स्थिति और गंभीर हो चुकी है। उनका आरोप था कि सरकार जनता को बड़े-बड़े दावे दिखा रही है, जबकि जमीन पर आम आदमी की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि देश को दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल बताने के बावजूद आम लोगों की आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। युवाओं में बेरोजगारी और किसानों के सामने बढ़ती लागत जैसी समस्याएं अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। उनका कहना था कि आर्थिक विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचना चाहिए, लेकिन फिलहाल लोगों को राहत मिलती नजर नहीं आ रही।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में महंगाई और रोजगार जैसे मुद्दे बिहार सहित देश की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं। विपक्ष लगातार इन विषयों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। वहीं दूसरी ओर सरकार विकास और आर्थिक सुधारों के दावों के साथ अपनी योजनाओं को जनता के सामने रख रही है। ऐसे में आर्थिक मुद्दों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना बनी हुई है
