इन्फ्लूएंजा से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों का मिलकर काम करना जरूरी: जे. पी. नड्डा
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जे. पी. नड्डा ने कहा है कि देशभर में इन्फ्लूएंजा जैसी गंभीर स्वास्थ्य चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच मजबूत तालमेल बेहद जरूरी है। उन्होंने यह बात आज नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कही। इस शिविर का विषय इन्फ्लूएंजा की तैयारी और प्रतिक्रिया के लिए अंतर-मंत्रालयी और अंतर-क्षेत्रीय समन्वय को मजबूत करना है।
अपने संबोधन में जे. पी. नड्डा ने कहा कि इन्फ्लूएंजा से निपटने के लिए सिर्फ इलाज ही नहीं, बल्कि समय पर तैयारी, बेहतर प्रतिक्रिया और सभी संबंधित गतिविधियों का व्यवस्थित प्रबंधन भी उतना ही अहम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि सभी एजेंसियां और सरकारें एक साझा रणनीति के तहत काम करें, तो इस बीमारी के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन्फ्लूएंजा आज भी भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। हर साल इस संक्रमण के कारण वैश्विक स्तर पर बड़ी संख्या में लोगों की जान जाती है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों पर कड़ी नजर रख रही है। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम यानी आईडीएसपी नेटवर्क के जरिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बीमारी के रुझानों की लगातार निगरानी कर रहा है।
जे. पी. नड्डा ने कहा कि इस तरह के चिंतन शिविर नीति निर्माण और जमीनी स्तर पर बेहतर कार्यान्वयन के बीच की कड़ी को मजबूत करते हैं। यह मंच सभी हितधारकों को एक साथ बैठकर अपनी तैयारियों की समीक्षा करने, अनुभव साझा करने और भविष्य की रणनीति तय करने का अवसर देता है।
दो दिन तक चलने वाले इस चिंतन शिविर का आयोजन केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से किया है। शिविर में विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संस्थानों से जुड़े करीब 110 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान इन्फ्लूएंजा की रोकथाम, निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया और अंतर-क्षेत्रीय सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर गहन चर्चा की जाएगी।
