BSRTC का बेड़ा 840 बसों तक पहुंचा, CNG व इलेक्ट्रिक बसों से बढ़ी हरित परिवहन की रफ्तार: मंत्री श्रवण कुमार

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बिहार में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने रविवार को बताया कि बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) अब कुल 840 बसों के बड़े बेड़े का संचालन कर रहा है। इसमें 646 बसें निगम सीधे संचालित करता है, जबकि 194 बसें पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर चलाई जा रही हैं। बेड़ा विस्तार के साथ ही सेवा की गुणवत्ता और यात्रियों की सुरक्षा को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

मंत्री ने बताया कि BSRTC की बस सेवा को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। इसी उद्देश्य से निगम के बेड़े में 266 CNG बसें शामिल की गई हैं, जो पारंपरिक डीजल बसों की तुलना में कम प्रदूषण उत्सर्जित करती हैं। इसके साथ ही 25 इलेक्ट्रिक बसों को भी राजधानी एवं प्रमुख शहरी मार्गों पर उतारा गया है। इलेक्ट्रिक बसें न केवल प्रदूषण-रहित हैं, बल्कि यात्रियों के लिए अधिक शांत, आरामदायक और ऊर्जा-कुशल विकल्प प्रदान करती हैं।

इसके अलावा, BSRTC वर्तमान में उपयोग में लाई जा रही 593 डीजल बसों को भी आधुनिक तकनीक से अपग्रेड कर चुका है। इन बसों में अत्याधुनिक नियंत्रण प्रणाली, बेहतर ब्रेकिंग तकनीक, जीपीएस ट्रैकिंग और सुरक्षा अलर्ट जैसी सुविधाएँ जोड़ी गई हैं। मंत्री श्रवण कुमार का कहना है कि इन सुधारों का उद्देश्य यात्रियों को अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद और सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए राज्य भर में विभिन्न रूटों पर नई बस सेवाएँ शुरू की गई हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरों तक यात्रियों के लिए निर्बाध और सस्ती यात्रा सुविधा सुनिश्चित करना है। साथ ही बसों की संचालन क्षमता बढ़ाए जाने से रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।

मंत्री ने बताया कि BSRTC भविष्य में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत हरित परिवहन को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में डीजल बसों की संख्या कम कर CNG और इलेक्ट्रिक बसों का अनुपात बढ़ाना है, ताकि राज्य के प्रदूषण स्तर में कमी लाई जा सके और यात्रियों को आधुनिक, आरामदायक व पर्यावरण-हितैषी यात्रा विकल्प उपलब्ध हों।

BSRTC के बेड़े का लगातार विस्तार और तकनीकी सुधार यह संकेत देते हैं कि बिहार सरकार सार्वजनिक परिवहन सेवा को नए युग में ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। बढ़ती आबादी और शहरीकरण को देखते हुए यह कदम न केवल यात्री सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि राज्य की समग्र परिवहन व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाएगा।

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